मोतिहारी : मोतिहारी जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय परिसर में शिक्षिका के पति अधिवक्ता अरविंद कुमार की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। डीईओ राजन कुमार गिरि ने प्रेसवार्ता कर घटना से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक किया और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
शिक्षिका रश्मि स्वराज अपने बकाया वेतन से संबंधित कार्य के लिए कार्यालय आई थीं – DEO राजन कुमार गिरि
डीईओ राजन कुमार गिरि ने बताया कि उज्जैन लोहियार राज्यकीय उत्क्रमित कन्या मध्य विद्यालय, गायघाट में कार्यरत शिक्षिका रश्मि स्वराज शनिवार को अपने बकाया वेतन से संबंधित कार्य के लिए कार्यालय आई थीं। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, शिक्षिका कार्यालय के अंदर अपने काम में लगी थीं, जबकि उनके पति अरविंद कुमार कार्यालय परिसर में अपनी बाइक के पास टहल रहे थे। कुछ देर बाद वह अचानक जमीन पर गिर पड़े।

DEO ने कहा- तत्काल उन्हें इलाज के लिए निजी नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया
उन्होंने बताया कि तत्काल उन्हें इलाज के लिए एक निजी नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डीईओ राजन कुमार गिरि ने यह भी बताया कि शिक्षिका के बकाया वेतन भुगतान में हुई देरी को गंभीरता से लेते हुए कार्यालय के लिपिक शिवनाथ विद्यार्थी, अमित कुमार सिंह और अभिषेक कुमार से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

शिक्षिका लंबे समय से बकाया वेतन के भुगतान के लिए शिक्षा विभाग के कार्यालय का चक्कर लगा रही थीं
गौरतलब है कि शिक्षिका लंबे समय से बकाया वेतन के भुगतान के लिए शिक्षा विभाग के कार्यालय का चक्कर लगा रही थीं। इसी सिलसिले में शनिवार को वह अपने पति के साथ डीईओ कार्यालय पहुंची थीं, जहां कार्यालय परिसर में ही उनके पति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मामले को लेकर पहले परिजनों ने कार्यालय में हंगामा भी किया था। अब सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद घटना ने नया मोड़ ले लिया है।

DEO कार्यालय में मौत के बाद एक्शन में जिला प्रशासन, DM ने किया औचक निरीक्षण
पूर्वी चंपारण में महिला शिक्षक रश्मि स्वराज के पति की जिला शिक्षा कार्यालय परिसर में हुई मौत के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। वेतन भुगतान में देरी और लगातार कार्यालय के चक्कर लगाने के आरोपों के बीच खबर सामने आते ही डीएम सौरभ सुमन यादव ने जिला शिक्षा कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारी अनुपस्थित मिले, जिस पर डीएम ने उनके वेतन में कटौती का आदेश दिया। वहीं डीपीओ स्थापना को लंबित वेतन और अन्य सभी पेंडिंग मामलों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया गया।

किसी भी शिक्षक या आम नागरिक को बेवजह कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए – DM सौरभ सुमन यादव
डीएम सौरभ सुमन यादव ने स्पष्ट कहा कि किसी भी शिक्षक या आम नागरिक को बेवजह कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंचाना और सरकारी कर्मियों के सम्मान की रक्षा करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
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सोहराब आलम की रिपोर्ट
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