पटना/वैशाली : वैशाली जिला स्थित लालंगज के रहने वाले रंजीत कुमार के जमीन का दो जगह रसीद कट रहा था। अनुमंडल स्तर पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के द्वारा शुरू किया गया राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम में उनके इस परेशानी का निराकरण किया गया। सरकार का पहला कर्तव्य आम जनता की समस्याओं का समाधान करना और उनकी बुनियादों जरूरतों को पूरा करना होता है। इसी सोच के साथ ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ की विचारधारा को अपनाते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कुशल नेतृत्व में जनता की समस्याओं के समाधान, शिकायतों के निवारण एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर लगाया जा रहा है।
बिहार सरकार के द्वारा आम लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए राज्य स्तरीय ‘सहयोग कार्यक्रम’ भी शुरू किया है
इस कड़ी में बिहार सरकार के द्वारा आम लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए राज्य स्तरीय ‘सहयोग कार्यक्रम’ भी शुरू किया है। जिसकी शुरुआत आज यानी 14 जुलाई को पटना स्थित संवाद, मुख्यमंत्री सचिवालय में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में किया गया। इस मौके पर दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव भी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद हैं।
राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम अब प्रत्येक महीने के दूसरे मंगलवार को राजधानी पटना में आयोजित किया जाएगा
गौरतलब है कि राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम अब प्रत्येक महीने के दूसरे मंगलवार को राजधानी पटना में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में वही लोग आवेदन कर सकेंगे, जिनकी शिकायत पहले जिला स्तर पर दर्ज हो चुकी है, लेकिन उसका समाधान नहीं हुआ है। ऐसे आवेदकों को राज्य स्तरीय सुनवाई का अवसर मिलेगा। सरकार के मुताबिक इससे लंबित मामलों का तेजी से निपटारा होगा और लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
ऐसे करें आवेदन
सहयोग पोर्टल पर जाकर राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम का चयन करें, पूर्व में दिया गया आवेदक का रेफरेंस नंबर और अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी सत्यापित करें। रेफरेंस नंबर का सत्यापन पूरा होने के बाद पुराने आवेदन का पूरा विवरण अपने आप सामने आ जाएगा। इसके बाद चयनित आवेदकों को कार्यक्रम की तारीख, समय और अन्य जरूरी जानकारी एसएमएस के माध्यम से भेजी जाएगी। कार्यक्रम से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए सरकार ने 24 घंटे चलने वाली हेल्पलाइन 1100 जारी की है। इसके अलावा सहयोग पोर्टल (sahyog.bihar.gov.in) के माध्यम से भी आवेदन और अन्य जानकारी प्राप्त की जा सकती है। सुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के माध्यम से विकास की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सहयोग शिविर की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आम जनता बोल रही, धन्यवाद मुख्यमंत्री
वहीं वैशाली जिले के महुआ प्रखंड के अमित कुमार ने कहा कि मैं एक पैक्स अध्यक्ष हूं। मेरे द्वारा समिति की भूमि के नापी के लिए आवेदन किया था। अंचल अधिकारी के पास तीन महीने से लंबित था। अब सहयोग शिविर के माध्यम से मेरा यह काम हो गया है। जबकि वैशाली जिले के ही गोरौल प्रखंड के उमेश पटेल ने कहा कि आपसी सहमति के साथ जमावंदी बांटवारे के लिए मैंने आवेदन किया था। मुख्यमंत्री के माध्यम से मेरे काम का निष्पादन कर दिया गया है।
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