पटना/किशनगंज : बदलता बिहार रोजगार और उद्योग की नई कहानी लिख रहा है। एक ऐसी हीं कहानी जहां बिहार के युवा प्रदेश में रहकर रोजगार करने के ख्वाब को हकीकत में बदल रहे हैं। उद्योग विभाग की योजनाओं से राज्य के युवा वर्ग न केवल अपने लिए रोजगार के अवसर सृजित किए हैं, बल्कि कई अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के द्वार खोले हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के माध्यम से बिहार सरकार प्रदेश के युवाओं को नए उद्योग स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। किशनगंज जिले के रहने वाले अनिल राम की प्रेरणादायक कहानी राज्य में उद्यमिता विकास की मजबूत मिसाल पेश कर रही हैं।
किशनगंज जिला स्थित टेढ़ागाछ प्रखंड के फतेहपुर गांव के रहने वाले अनिल को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत उन्हें 9 लाख की आर्थिक सहायता मिली
किशनगंज जिला स्थित टेढ़ागाछ प्रखंड के फतेहपुर गांव के रहने वाले अनिल को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत उन्हें नौ लाख रुपए की आर्थिक सहायता मिली, जिससे उन्होंने आइसक्रीम उत्पादन की इकाई स्थापित की। अनिल बताते हैं कि हमारे इलाके में आसपास कोई आइसक्रीम उत्पादन का इकाई नहीं था। बाहर से आइसक्रीम का व्यापार होता था। ऐसे में आइसक्रीम उत्पादन हेतु कच्चे माल की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता मेरे लिए बेहतर अपॉर्चुनिटी था। मेरे इस व्यवसाय से छह लोगों को रोजगार भी मिला है। भविष्य में मैं अपनी इस वेबसाइट को ऑनलाइन बिक्री पोर्टल पर भी लाऊंगा।

इस योजना का लक्ष्य एक ऐसे ‘औद्योगिक बिहार’ का निर्माण करना है
इस योजना का लक्ष्य एक ऐसे ‘औद्योगिक बिहार’ का निर्माण करना है, जहां मेधावी युवाओं को अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए पलायन न करना पड़े, बल्कि उन्हें राज्य के भीतर ही सम्मानजनक रोजगार और उद्यमिता के श्रेष्ठ अवसर प्राप्त हों। ‘विकसित बिहार’ का मार्ग सुदृढ़ उद्योगों और सशक्त युवाओं से होकर ही गुजरता है, और बिहार सरकार इस दिशा में मिशन मोड में कार्य कर रही हैं। बिहार सरकार की महत्वपूर्ण पहल मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए युवाओं, महिलाओं एवं विभिन्न वर्गों के उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में 9347 नए आवेदकों का चयन किया गया है। इसके लिए 74 परियोजनाओं हेतु जिलावार निर्धारित लक्ष्य के अनुसार, Computerized Randomization प्रणाली के माध्यम से 9347 नए आवेदक औपबंधिक रूप से चयनित किए गए हैं।
योजना बिहार में स्वरोजगार, उद्योग और आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति देने का कार्य कर रही है
चयनित लाभुकों में अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के 2000, अति पिछड़ा वर्ग के 2000, महिला वर्ग के 2000, युवा वर्ग के 2000, अल्पसंख्यक वर्ग के 1247 एवं दिव्यांगजन वर्ग के 100 लाभार्थी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त कोटिवार एवं जिलावार 30 प्रतिशत आवेदनों को प्रतीक्षा सूची में भी रखा गया है। यह योजना बिहार में स्वरोजगार, उद्योग और आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति देने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री उद्यमी योजनाएं ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता प्रदान कर रही हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन कर सामाजिक-आर्थिक विकास की दिशा में अहम भूमिका निभा रही हैं।
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