JPSC Exam Scam में CID का बड़ा एक्शन, कथित मास्टरमाइंड अभय कुमार तिवारी गिरफ्तार, घर से ₹5 लाख कैश बरामद

जेपीएससी परीक्षा गड़बड़ी मामले में CID ने कथित मास्टरमाइंड अभय कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया है। गोड्डा से गिरफ्तारी के बाद रांची में पूछताछ जारी, घर से ₹5 लाख नकद बरामद।


JPSC Exam Scam  रांची: जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितता मामले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। झारखंड CID ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट में पदस्थापित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उसे रांची लाया गया है, जहां उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी उसे पूरे परीक्षा सिंडिकेट का कथित मास्टरमाइंड मानकर पूछताछ कर रही है।

JPSC Exam Scam :पोड़ैयाहाट में छापेमारी, घर से ₹5 लाख नकद बरामद

जानकारी के अनुसार, CID की टीम ने पोड़ैयाहाट के बांझी रोड स्थित किराए के मकान में छापेमारी की, जहां अभय कुमार तिवारी रह रहा था। छापे के दौरान वहां से करीब ₹5 लाख नकद बरामद किए गए हैं। बरामद नकदी के स्रोत और उसके संभावित संबंधों की भी जांच की जा रही है।

अभय कुमार तिवारी वर्तमान में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर कार्यरत था। जांच एजेंसी अब यह भी पता लगा रही है कि सरकारी सेवा में रहते हुए उसने परीक्षा अनियमितताओं में किस तरह की भूमिका निभाई।


Key Highlights

  • जेपीएससी परीक्षा अनियमितता मामले में CID ने अभय कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया।

  • गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट से प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर कार्यरत रहते हुए हुई गिरफ्तारी।

  • किराए के मकान से ₹5 लाख नकद बरामद होने की जानकारी।

  • नगड़ी थाना में दर्ज प्राथमिकी और ED CID में शिकायत के आधार पर कार्रवाई।

  • परीक्षा सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच तेज।


JPSC Exam Scam :नगड़ी थाना की FIR बनी गिरफ्तारी का आधार

CID की यह कार्रवाई रांची के नगड़ी थाना में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर हुई है। शिकायतकर्ता एस.एस. शर्मा ने आरोप लगाया था कि अभय कुमार तिवारी परीक्षा से जुड़े एक संगठित सिंडिकेट का संचालन करता था। इस संबंध में ED CID में भी शिकायत दर्ज कराई गई थी।

शिकायत में दावा किया गया है कि आरोपी टीडीपीएल नामक परीक्षा एजेंसी में मार्केटिंग पद पर कार्य कर चुका है और इसी दौरान जेपीएससी तथा जेएसएससी की कई परीक्षाओं में कथित फर्जीवाड़ा और पैसों के लेनदेन का नेटवर्क संचालित किया गया।

JPSC Exam Scam :कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पर उठे सवाल

शिकायत में अभय कुमार तिवारी के कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने का उल्लेख किया गया है। इनमें वर्ष 2023 की पीजीटी परीक्षा, जेएसएससी सीजीएल 2023, जिसमें उसे रैंक-2 प्राप्त हुआ था, एसीएफ पीटी 2024, एमआरओ पीटी 2024 और एफएसओ लिखित परीक्षा 2023 शामिल हैं। इन परीक्षाओं में उसकी सफलता को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

सूत्रों के अनुसार, जिस टीडीपीएल कंपनी के माध्यम से कई भर्ती परीक्षाएं आयोजित की गईं, उसमें अभय कुमार तिवारी पहले मैनेजर रह चुका था। इसी कड़ी में CID ने टीडीपीएल के कार्यालय को भी सील कर दिया है और वहां से जब्त दस्तावेजों व इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है।

JPSC Exam Scam :महिला अधिकारी से भी पूछताछ, जांच का दायरा बढ़ा

जांच के दौरान एक महिला अधिकारी से भी पूछताछ की जा रही है, जो पहले जेपीएससी में सहायक परीक्षा नियंत्रक के पद पर कार्यरत थीं और हाल ही में उनका तबादला खाद्य आपूर्ति विभाग में हुआ था। सूत्रों के अनुसार, परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर उनसे भी पूछताछ जारी है। जांच के आधार पर आगे प्राथमिकी दर्ज होने की संभावना जताई जा रही है।

JPSC Exam Scam :जेपीएससी मुख्य परीक्षा पर भी अभ्यर्थियों की नजर

इस बीच 25 जुलाई से प्रस्तावित जेपीएससी मुख्य परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर परीक्षा स्थगित किए जाने की अफवाह भी वायरल हो रही है। हालांकि आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर ऐसी कोई सूचना जारी नहीं की गई है। इससे अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

JPSC Exam Scam :14वीं जेपीएससी पीटी रिजल्ट के बाद शुरू हुआ था विवाद

14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद विवाद शुरू हुआ था। सोशल मीडिया पर एक कथित ओएमआर शीट वायरल हुई थी, जिसमें कम सही उत्तर होने के बावजूद अभ्यर्थी के सफल होने का दावा किया गया। इसके अलावा परिणाम बिना सदस्यों के हस्ताक्षर जारी करने और कटऑफ सार्वजनिक नहीं करने जैसे आरोप भी लगाए गए। बाद में आयोग के एक अधिकारी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कथित अनियमितताओं की जानकारी दी, जिसके बाद CID जांच तेज हुई।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी स्पष्ट किया है कि मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं भारतीय जनता पार्टी इस मामले की जांच CID के बजाय CBI से कराने की मांग कर रही है। अब जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई और पूछताछ से इस पूरे कथित परीक्षा सिंडिकेट से जुड़े अन्य नाम भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है।


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