JPSC CID Raid News: JPSC में परीक्षा घोटाले की जांच तेज, CID की रेड के बीच आयोग अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा

JPSC CID Raid News: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच तेज हो गई है। मंगलवार को CID और रांची पुलिस की एक संयुक्त टीम ने JPSC मुख्यालय सहित सात जगहों पर छापेमारी की। इस ऑपरेशन के दौरान, परीक्षा की उप-नियंत्रक श्वेता गुप्ता, आयोग के अन्य कर्मचारियों और परीक्षा आयोजित करने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) से जुड़ी जगहों की तलाशी ली गई।

मुख्यमंत्री तक पहुंची थीं शिकायतें

सूत्रों के अनुसार JPSC की विभिन्न परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की शिकायतें लगातार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तक पहुंच रही थीं। आयोग के एक सदस्य समेत अन्य लोगों द्वारा भी शिकायत की गई थी। इसके बाद सरकार के निर्देश पर CID ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। फिलहाल जांच एजेंसियों ने JPSC और TDPL से जुड़े आठ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।

ब्लैकलिस्ट कंपनी पर फिर भरोसा क्यों?

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि 20 मई 2025 को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने परीक्षा अनियमितताओं के आरोप में TDPL कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया था। इसके बावजूद यही एजेंसी JPSC की कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं के संचालन में सक्रिय रही। बताया जा रहा है कि कंपनी ऑनलाइन आवेदन, एडमिट कार्ड, प्रश्नपत्र छपाई, OMR शीट स्कैनिंग, उत्तर पुस्तिका प्रोसेसिंग और रिजल्ट तैयार करने जैसे संवेदनशील कार्य भी संभाल रही थी।

छापेमारी के बीच JPSC अध्यक्ष का इस्तीफा

CID की कार्रवाई के दौरान JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने अपने पद से इस्तीफा राज्यपाल को भेज दिया। हालांकि, उनके इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है। एल. खियांग्ते ने 27 फरवरी 2025 को JPSC अध्यक्ष का पद संभाला था।

डिजिटल सबूत और दस्तावेज जब्त

छापेमारी के दौरान जांच टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, हार्ड डिस्क, कंप्यूटर डेटा और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। अब इन सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।

तबादले के बाद भी JPSC में सक्रिय थीं श्वेता गुप्ता

जांच के दौरान यह सवाल भी उठ रहा है कि उप-परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता का करीब डेढ़ महीने पहले तबादला होने के बावजूद वह JPSC में लगातार क्यों सक्रिय थीं। जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं।

TDPL मैनेजर पर कई परीक्षाओं में सफलता का आरोप

जांच में TDPL कंपनी के मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी का नाम भी सामने आया है। उन पर JPSC और JSSC की कई प्रतियोगी परीक्षाओं में संदिग्ध तरीके से सफल होने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में वन रेंज अधिकारी (FRO) और सहायक वन संरक्षक (ACF) परीक्षाओं की OMR शीट में कथित हेराफेरी का भी उल्लेख किया गया है।

कई परीक्षाएं पहले भी विवादों में

JPSC पहले भी कई भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवादों में रहा है। इनमें प्रमुख हैं—

  • सिविल सेवा परीक्षा
  • फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर भर्ती
  • सहायक वन संरक्षक भर्ती
  • झारखंड पात्रता परीक्षा
  • परियोजना प्रबंधक भर्ती
  • सिविल जज (जूनियर डिवीजन)
  • मेडिकल कॉलेज असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती
  • एपीपी नियुक्ति

इनमें से कई मामलों की जांच पहले से विभिन्न एजेंसियों के स्तर पर चल रही है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बयान

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले पर कहा कि “न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होता हुआ भी दिखना चाहिए। सरकार परीक्षा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से अपना काम कर रही हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है।

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