India Nepal Border Security Bihar: बिहार में भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा और सीमावर्ती अपराधों पर नियंत्रण को लेकर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। गृह विभाग की ओर से आयोजित इस बैठक में सीमा सुरक्षा, नशीले पदार्थों की तस्करी, आतंकवाद, साइबर अपराध और आर्थिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की गई। बैठक में बिहार के भारत-नेपाल सीमा से सटे 7 जिलों पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज की सुरक्षा व्यवस्था और संस्थागत तंत्र की विस्तृत समीक्षा की गई।
735 किलोमीटर सीमा पर 194 SSB BOP और 70 थाने
बैठक में बताया गया कि बिहार की भारत-नेपाल सीमा की लंबाई करीब 735 किलोमीटर है। इस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के लिए 194 एसएसबी बीओपी और 70 सक्रिय पुलिस थाने कार्यरत हैं। मुख्य सचिव ने सीमा पर तैनात एसएसबी बीओपी और स्थानीय पुलिस थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने सीमा क्षेत्र में 24 घंटे सघन गश्त और चौकसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
20 हजार किलो से ज्यादा गांजा जब्त
समीक्षा के दौरान सीमावर्ती जिलों में नशीले पदार्थों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी भी दी गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अब तक 20,625 किलोग्राम गांजा, 61.85 किलोग्राम चरस और 1,98,656 नशीली गोलियां समेत अन्य मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में 1,023 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, PIT-NDPS के तहत 42 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए हैं। मुख्य सचिव ने नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी के खिलाफ पुलिस तथा उत्पाद विभाग को जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई करने और PIT-NDPS कानून का प्रभावी इस्तेमाल करने का निर्देश दिया।
फर्जी आधार और साइबर अपराध पर भी नजर
सीमावर्ती इलाकों में अवैध विदेशी नागरिकों और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि चिन्हित 80 अवैध विदेशी नागरिकों पर विधि सम्मत कार्रवाई की गई है। इसके अलावा फर्जी आधार के 40 मामले, सिमबॉक्स फ्रॉड के 2 मामले और साइबर अपराध के 423 मामले दर्ज किए गए हैं। साइबर और वित्तीय अपराधों पर नियंत्रण के लिए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और जिला पुलिस को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। जाली आधार, सिमबॉक्स फ्रॉड और म्यूल अकाउंट से जुड़े नेटवर्क पर भी कार्रवाई करने को कहा गया।
1,429 मशीनों से नकली नोटों की जांच
वित्तीय और आर्थिक सुरक्षा को लेकर भी बैठक में कई बिंदुओं की समीक्षा हुई। बताया गया कि 1,281 बैंक शाखाओं और उप-निबंधक कार्यालयों में वैधानिक नियमों के अनुपालन की समीक्षा की गई है। नकली नोटों की पहचान के लिए अब तक 1,429 काउंटरफेइट मनी डिटेक्टर मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं। मुख्य सचिव ने सभी बैंक शाखाओं, विशेषकर सहकारी बैंकों में इन मशीनों की 100 फीसदी कार्यशीलता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
152 सीमावर्ती गांवों में 1,105 परियोजनाएं
बैठक में सीमावर्ती गांवों के विकास और कनेक्टिविटी पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि व्हाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत सीमावर्ती 152 गांवों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 256.13 करोड़ रुपये की लागत से 1,105 परियोजनाओं की अनुशंसा की गई है। मुख्य सचिव ने VVP-II की सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने और सीमावर्ती गांवों में टेलीकॉम कनेक्टिविटी बेहतर करने के निर्देश दिए।
सुरक्षा व्यवस्था में बेहतर समन्वय पर जोर
बैठक में सीमा सुरक्षा से जुड़े सभी विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास योजनाओं को भी समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। समीक्षा बैठक में सुरक्षा, अपराध नियंत्रण, मादक पदार्थों की तस्करी, साइबर अपराध, वित्तीय सुरक्षा और सीमावर्ती गांवों के विकास से जुड़े मुद्दों पर आगे की कार्रवाई के लिए दिशा-निर्देश दिए गए।

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