Bihar PM Surya Ghar Yojana: बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में राज्य में संचालित प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के विशेष राशन कार्ड अभियान और ऊर्जा विभाग की ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने, लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने और खराब प्रदर्शन करने वाली एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
राशन कार्ड अभियान में 13.93 लाख आवेदन
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि विशेष अभियान के तहत राज्यभर से 13,93,704 ऑफलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं। जांच के बाद इनमें 11,83,792 आवेदन पात्र पाए गए हैं। 17 अगस्त 2026 तक 4,13,079 आवेदनों की डेटा एंट्री पूरी हो चुकी है, जो करीब 35 फीसदी है। डेटा एंट्री के मामले में जहानाबाद, दरभंगा, अरवल और बांका आगे हैं। वहीं, 13,292 आवेदनों को e-KYC के लिए सक्षम किया गया है। इनमें से 1,569 आवेदनों का e-KYC पूरा हो चुका है। एसडीओ लॉगिन के माध्यम से अब तक 6,826 राशन कार्ड जारी किए गए हैं। इनमें सहरसा जिले ने सबसे अधिक 2,124 कार्ड जारी किए हैं। मुख्य सचिव ने लंबित e-KYC प्रक्रिया को मिशन मोड में पूरा कर पात्र लाभार्थियों को जल्द राशन कार्ड उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
PM सूर्य घर योजना में 5 लाख लाभार्थियों का लक्ष्य
ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि 12 अगस्त 2026 को बिहार कैबिनेट ने योजना के तहत 10 हजार रुपये प्रति किलोवाट की अतिरिक्त राज्य सब्सिडी को मंजूरी दी है। इसकी अधिकतम सीमा प्रति लाभार्थी 20 हजार रुपये है। केंद्र की CFA सब्सिडी के साथ मिलाकर 1 किलोवाट पर कुल 40 हजार रुपये, 2 किलोवाट पर 80 हजार रुपये और 3 किलोवाट पर 98 हजार रुपये तक की कुल सब्सिडी का प्रावधान बताया गया है। यह लाभ ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर 5 लाख लाभार्थियों को देने का लक्ष्य है। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से 1,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
14 हजार से अधिक सोलर स्ट्रक्चर लगाए गए
समीक्षा में बताया गया कि सभी जिलों के लिए कुल 5 लाख सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन का अनंतिम लक्ष्य तय कर फील्ड टीमों को भेजा गया है। इसमें पटना का लक्ष्य 28 हजार, पूर्वी चंपारण का 24 हजार और मुजफ्फरपुर का 23 हजार रखा गया है। 10 से 16 अगस्त के दौरान राज्य में 14,079 सोलर स्ट्रक्चर और 6,690 सोलर पैनल लगाए गए। इसके साथ ही अब तक कुल 35,879 स्ट्रक्चर और 14,656 पैनल स्थापित किए जा चुके हैं। योजना के प्रचार के लिए पटना में झांकी, दरभंगा और गया में कार्यशालाएं, पूर्णिया में थिएटर और रेडियो विज्ञापन, जहानाबाद तथा नवादा में सोलर रथ यात्रा और विभिन्न जिलों में सोलर मेलों का आयोजन किया जा रहा है।

खराब प्रदर्शन पर एजेंसी डिबार
बैठक में काम में लापरवाही और देरी को लेकर M/s Landsky Engineers Pvt. Ltd. के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी दी गई। मुख्य सचिव के निर्देश पर एजेंसी का LOA रद्द करते हुए उसे डिबार कर दिया गया है। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि काम में लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने 7 दिनों से अधिक समय से लंबित 132 निरीक्षणों को तत्काल पूरा करने और औसत निरीक्षण समय को 14 दिनों से कम करने का निर्देश दिया।

नवंबर तक सामग्री की निर्बाध आपूर्ति का निर्देश
बैठक में योजना के लिए उपलब्ध सामग्री की स्थिति की भी समीक्षा की गई। वर्तमान में 12,407 स्ट्रक्चर और 17,610 पैनल इन्वेंट्री में उपलब्ध हैं। इसके अलावा 13,200 स्ट्रक्चर और 3,112 पैनल इन-ट्रांजिट हैं। एजेंसियों को नवंबर 2026 तक निर्धारित दैनिक लक्ष्य हासिल करने के लिए सामग्री की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। मुख्य सचिव ने आगामी समीक्षा बैठक में संबंधित सभी मुख्य अभियंताओं की व्यक्तिगत उपस्थिति भी अनिवार्य कर दी है। इससे योजनाओं की प्रगति की सीधे समीक्षा और लंबित कार्यों में तेजी लाने की तैयारी है।




















