Sahibganj School Students Protest: स्कूल में कथित अव्यवस्था और शिक्षकों की कमी से परेशान स्कूली बच्चों ने अब अपनी आवाज खुद उठाई है। बोरियो प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय सौती चौकी पांगड़ो के कक्षा 10 के छात्र-छात्राएं अपनी शिकायत लेकर करीब 7 किलोमीटर पैदल चलकर उपायुक्त कार्यालय पहुंच गए। बड़ी संख्या में बच्चे अपने साथ कॉपी-किताब लेकर पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। बच्चों के अचानक उपायुक्त कार्यालय पहुंचने से वहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारी भी हैरान रह गए। बच्चों ने अधिकारियों को स्कूल में पढ़ाई और परीक्षा से जुड़ी कई समस्याओं की जानकारी दी।
बिना प्रश्नपत्र के अर्द्धवार्षिक परीक्षा कराने का आरोप
छात्र-छात्राओं ने शिकायत की कि कक्षा 10वीं की अर्द्धवार्षिक परीक्षा बिना प्रश्नपत्र के कराई जा रही है। बच्चों के अनुसार, स्कूल में प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रश्न दिखाए जाते हैं और उन्हें प्रश्न व उत्तर लिखने के लिए कहा जाता है। छात्रों का कहना था कि परीक्षा के दौरान उन्हें नियमित रूप से प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। बच्चों ने इस व्यवस्था को लेकर अपनी परेशानी अधिकारियों के सामने रखी।
विज्ञान, गणित समेत कई विषयों के शिक्षक नहीं
बच्चों ने स्कूल में शिक्षकों की कमी की समस्या भी बताई। छात्रों के मुताबिक, स्कूल में केवल सामाजिक विज्ञान और अंग्रेजी के शिक्षक हैं। वहीं विज्ञान, गणित, हिंदी, संस्कृत और उर्दू जैसे विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। शिक्षकों की कमी के कारण इन विषयों की पढ़ाई प्रभावित होने की शिकायत बच्चों ने की। छात्रों ने कहा कि नियमित पढ़ाई नहीं होने से उनकी परीक्षा और भविष्य को लेकर परेशानी बढ़ रही है।
प्रभारी डीईओ ने प्राचार्य को लगाई फटकार
बच्चों की शिकायत सुनने के लिए जिला शिक्षा अधीक्षक सह प्रभारी जिला शिक्षा पदाधिकारी उर्मिला हांसदा उनसे मिलीं। उन्होंने छात्र-छात्राओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना। शिकायतों की जानकारी मिलने के बाद प्रभारी डीईओ ने स्कूल के प्रभारी प्राचार्य को तलब किया और मामले को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने बच्चों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। अधिकारी ने छात्र-छात्राओं को उनकी समस्याओं का जल्द समाधान कराने का आश्वासन भी दिया।
परीक्षा छोड़कर बच्चों का 7 KM पैदल पहुंचना बड़ा सवाल
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर सवाल यह है कि स्कूल की शिकायत लेकर बच्चों को करीब सात किलोमीटर पैदल चलकर जिला मुख्यालय स्थित उपायुक्त कार्यालय तक पहुंचना पड़ा। बच्चे परीक्षा के समय स्कूल से निकलकर अपनी शिकायत लेकर अधिकारियों के पास पहुंचे। ऐसे में रास्ते में बच्चों के साथ किसी तरह की दुर्घटना या अप्रिय घटना होने की स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होती, यह भी बड़ा सवाल है। स्कूल स्तर पर ही बच्चों की समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण उन्हें इस तरह पैदल मार्च करने की जरूरत पड़ी। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी तय करता है या नहीं और छात्रों की बताई गई समस्याओं का समाधान कितनी जल्दी किया जाता है। फिलहाल बच्चों की शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया है।

यह भी पढ़ें: Sahibganj Brown Sugar Seized: साहिबगंज में 1 किलो से अधिक ब्राउन शुगर बरामद, तीन अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार
Highlights



















