Jharkhad JPSC Radd News, रांची: झारखंड सरकार की ओर से नियुक्तियां रद्द करने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। 11वीं से 13वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा, विज्ञापन संख्या 1/2024, को रद्द करने से संबंधित सरकार की अधिसूचना के खिलाफ याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता सोनम कुमारी ने नियुक्ति रद्द करने के आदेश को निरस्त करने की मांग की है।
24 नवंबर 2025 को मिला था नियुक्ति पत्र
याचिकाकर्ता सोनम कुमारी का कहना है कि उन्होंने दूसरी जगह की नौकरी छोड़कर झारखंड में नियुक्ति के बाद योगदान दिया था। उन्हें 24 नवंबर 2025 को नियुक्ति पत्र मिला था और उन्होंने प्रशिक्षण भी पूरा किया। याचिका के अनुसार, इसके बाद 18 अगस्त 2026 को राज्य सरकार की ओर से अधिसूचना जारी कर नियुक्ति रद्द करने का आदेश दिया गया। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से सरकार के इस आदेश को निरस्त करने का आग्रह किया है।
342 सफल अभ्यर्थी कर रहे थे नौकरी
बताया गया है कि 11वीं से 13वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफल 342 अभ्यर्थी नियुक्त होकर काम कर रहे थे। सरकार के नियुक्ति रद्द करने के फैसले का इन अभ्यर्थियों पर सीधा असर पड़ा है। मामले में अब हाईकोर्ट के समक्ष सरकार के फैसले को चुनौती दी गई है। याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत का रुख इस मामले में महत्वपूर्ण होगा।
TDPL से जुड़ी परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला
उल्लेखनीय है कि CID की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर राज्य सरकार ने उन परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी, जिनमें TDPL की भूमिका रही थी। इसके साथ ही वर्ष 2014 से आयोजित नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं को लेकर जांच कराने की घोषणा भी की गई थी। सरकार के फैसले के बाद कार्मिक एवं प्रशासनिक विभाग की ओर से परीक्षा रद्द करने, परीक्षा प्रक्रिया स्थगित करने और जांच कराने से संबंधित अधिसूचनाएं जारी की गई हैं।
22 परीक्षाएं रद्द, 6 की प्रक्रिया स्थगित
अधिसूचना में 22 परीक्षाओं को रद्द करने, 6 परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित करने और 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखने का उल्लेख किया गया है। ऐसे में जेपीएससी नियुक्ति रद्द किए जाने को हाईकोर्ट में मिली चुनौती के बाद अब इस मामले में अदालत के फैसले पर अभ्यर्थियों की नजर रहेगी।
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