Bihar Flood 2026: बिहार में बाढ़ की वर्तमान स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गंगा और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर, दियारा और निचले इलाकों की स्थिति तथा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इसमें बाढ़ की स्थिति, नदियों के जलस्तर, तटबंधों की स्थिति और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी और जरूरत के अनुसार तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
प्रभावित लोगों की सूची बनाकर तत्काल राहत देने का निर्देश
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी बाढ़ प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को अपने जिले में बने रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की पहचान कर उनकी सूची तैयार की जाए और उन्हें बिना देरी आवश्यक राहत उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी प्रभावित परिवार को सहायता के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ प्रभावित लोगों के बीच रहकर राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया।
राहत शिविर और सामुदायिक रसोई में लापरवाही नहीं
मुख्यमंत्री ने बाढ़ राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई केंद्रों के माध्यम से प्रभावित लोगों को भोजन और अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राहत वितरण में किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए और प्रभावित लोगों तक आवश्यक सामग्री समय पर पहुंचनी चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन, SDRF और NDRF के बीच बेहतर समन्वय बनाकर जरूरत के अनुसार त्वरित कार्रवाई करने पर भी जोर दिया। किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया गया।
बक्सर से भागलपुर तक तटबंधों की निगरानी
मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग को बक्सर से भागलपुर तक गंगा नदी के तटबंधों की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने और किसी भी बड़े कटाव या तटबंध टूटने जैसी स्थिति को रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि निचले और संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी होनी चाहिए। राहत और बचाव कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाए, ताकि संभावित नुकसान को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
CM डैशबोर्ड से जुड़ेगा कमांड सेंटर
बाढ़ की स्थिति की लगातार निगरानी के लिए मुख्यमंत्री ने कमांड सेंटर को सीधे CM डैशबोर्ड से जोड़ने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति, राहत-बचाव कार्यों और प्रशासनिक कार्रवाई की नियमित निगरानी करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ की स्थिति में लोगों की जान की सुरक्षा, त्वरित राहत और प्रभावी बचाव सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ पूरी मुस्तैदी से काम करें और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहें।

27 SDRF और 9 NDRF टीमें तैनात
बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य पूरी सजगता के साथ चलाए जा रहे हैं। बाढ़ राहत शिविर और सामुदायिक रसोई के माध्यम से लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 27 SDRF और 9 NDRF टीमें तैनात की गई हैं। आवश्यकता के अनुसार इन टीमों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

आने वाले दिनों में जलस्तर में कमी का अनुमान
बैठक में बिहार मौसम सेवा केंद्र के अधिकारी ने बताया कि वर्तमान मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले सप्ताह में भारी बारिश की संभावना नहीं है। जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने भी सोन नदी के जलस्तर में आने वाले दिनों में कमी की संभावना जताई। गंगा नदी के जलस्तर में भी आगामी दिनों में कमी का रुझान रहने का अनुमान बताया गया। प्रयागराज में गंगा के जलस्तर में कमी का रुझान शुरू होने की जानकारी भी बैठक में दी गई।
समीक्षा बैठक में 13 जिलों—जहानाबाद, अरवल, भोजपुर, नालंदा, रोहतास, औरंगाबाद, मुंगेर, भागलपुर, बेगूसराय, खगड़िया, लखीसराय, कटिहार और वैशाली—के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा बैठक में मौजूद रहे। इसके अलावा सरकार और संबंधित विभागों के कई वरीय अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।



















