झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षा गड़बड़ी की जांच में कोचिंग संस्थानों की भूमिका सामने आई है। CID ने संजीत कुमार को गिरफ्तार किया, कई संचालक जांच के घेरे में हैं।
JPSC JSSC Exam Scam रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की विभिन्न परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच कर रही सीआइडी की एसआइटी अब कोचिंग संस्थानों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है। जांच के दौरान ऐसे तथ्य सामने आने का दावा किया गया है, जिनसे कुछ कोचिंग संचालकों की भूमिका पर सवाल उठे हैं। सीआइडी के अनुसार, जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या कुछ संचालक अभ्यर्थियों को पढ़ाने के अलावा परीक्षा में अनुचित तरीके से सफलता दिलाने के लिए एजेंट की भूमिका निभा रहे थे।
JPSC JSSC Exam Scam: शिवांगन कोचिंग संचालक गिरफ्तार, पतंजलि के संचालक ने किया सरेंडर
सीआइडी ने रांची के शिवांगन कोचिंग के संचालक संजीत कुमार को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, संजीत कुमार पर अभ्यर्थियों को जेपीएससी परीक्षा पास कराने का दावा करने और कथित तौर पर इसके लिए पैसे लेने के आरोप हैं।
इससे पहले पतंजलि आइएएस एकेडमी के संचालक रवि कुमार ने अदालत में आत्मसमर्पण किया था। सीआइडी दोनों आरोपियों से पूछताछ के लिए रिमांड की तैयारी कर रही है। पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि राज्य के दूसरे जिलों में संचालित कोचिंग संस्थानों या उनसे जुड़े लोगों की इस मामले में कोई भूमिका थी या नहीं।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कथित तौर पर अभ्यर्थियों से कितनी रकम ली गई, पैसे किस माध्यम से लिए गए और अभ्यर्थियों को परीक्षा में सफलता दिलाने के लिए किस तरह की व्यवस्था की जाती थी। हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
Key Highlights
- JPSC और JSSC परीक्षा गड़बड़ी की जांच में कोचिंग संस्थान भी जांच के दायरे में आए।
- सीआइडी ने शिवांगन कोचिंग के संचालक संजीत कुमार को गिरफ्तार किया है।
- पतंजलि आइएएस एकेडमी के संचालक रवि कुमार ने अदालत में आत्मसमर्पण किया है।
- JSSC-CGL मामले में सीआइडी ने आयोग के अधिवक्ता संजय पिपरवाल को पूछताछ के लिए नोटिस दिया है।
- अभय तिवारी की पत्नी और भाई की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा है।
JPSC JSSC Exam Scam: JSSC-CGL मामले में आयोग के अधिवक्ता को CID का नोटिस
जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही सीआइडी की एसआइटी ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के अधिवक्ता संजय पिपरवाल को भी नोटिस जारी किया है। उन्हें पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, एसआइटी उनसे परीक्षा से जुड़े कानूनी दस्तावेजों, अदालत में आयोग की ओर से रखी गई दलीलों और विवाद के दौरान लिए गए प्रशासनिक फैसलों से संबंधित जानकारी लेगी। जांच टीम यह भी देख रही है कि परीक्षा प्रक्रिया के दौरान आयोग, परीक्षा एजेंसी और अन्य संबंधित पक्षों के बीच किस तरह का पत्राचार और निर्णय हुआ था।
सीआइडी इस मामले में अब तक कई अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर चुकी है। अधिवक्ता से पूछताछ को भी इसी जांच की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।
JPSC JSSC Exam Scam: अभय तिवारी की पत्नी और भाई की जमानत पर फैसला सुरक्षित
जेएसएससी-सीजीएल भर्ती परीक्षा से जुड़े मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे अभय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी की जमानत याचिका पर मंगलवार को अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में सुनवाई पूरी हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया।
दोनों को सीआइडी ने अगस्त में गिरफ्तार किया था और जांच एजेंसी उनसे रिमांड पर पूछताछ भी कर चुकी है। मामले में सीआइडी की जांच जारी है।
वहीं, जेपीएससी परीक्षा गड़बड़ी मामले में पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें सीआइडी ने 22 जुलाई को गिरफ्तार किया था।
JPSC JSSC Exam Scam: अब तक जांच में सामने आए नाम
सीआइडी की जांच में अलग-अलग जिलों में संचालित कोचिंग संस्थानों से जुड़े कई लोगों के नाम सामने आने की बात कही गई है। इनमें कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि कुछ अन्य की तलाश जारी है।
बताए गए नामों में नामकुम के आदित्य पांडेय, बोकारो सेक्टर-3 के सानंद प्रकाश, टाटीसिलवे के पवन कुमार सिंह, हजारीबाग के लालू कुमार यादव, गिरिडीह के बेंगाबाद के सौरभ कुमार पांडेय और पलामू के हमीदगंज के संतोष कुमार सिंह शामिल हैं।
जांच एजेंसी कथित परीक्षा गड़बड़ी के नेटवर्क, अभ्यर्थियों से संपर्क, पैसों के लेनदेन और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है। जेपीएससी और जेएसएससी से संबंधित मामलों में अदालतों में भी अलग-अलग आरोपियों की जमानत और अन्य याचिकाओं पर सुनवाई जारी है।



















