झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने 20 लोगों से पूछताछ की। चार आरोपियों को रिमांड पर लेकर जांच तेज की गयी है।
JSSC CGL Scam रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग यानी जेपीएससी और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी जेएसएससी की भर्तियों में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी ने गुरुवार को एक साथ 20 लोगों से पूछताछ की। इनमें बोकारो के जनसंपर्क पदाधिकारी साकेत पांडेय और सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह भी शामिल हैं। दोनों को समन भेजकर सीआईडी कार्यालय बुलाया गया था। उनसे कांड संख्या 01 2025 के सिलसिले में लंबी पूछताछ की गयी।
JSSC CGL Scam:सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी से भर्ती सिंडिकेट तक जांच
सीआईडी जेएसएससी की संयुक्त स्नातक स्तरीय यानी सीजीएल परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक और नियुक्तियों में कथित अनियमितता की जांच नये सिरे से कर रही है। परीक्षा में कुल 1,932 अभ्यर्थी सफल हुए थे। इनमें करीब 400 अभ्यर्थियों से अब तक पूछताछ की जा चुकी है।
सीआईडी सफल अभ्यर्थियों से लगातार पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान जिन अभ्यर्थियों की भूमिका संदिग्ध पायी जा रही है, उनकी गिरफ्तारी भी की जा रही है। अब तक नौ सफल अभ्यर्थियों समेत 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
Key Highlights
- सीआईडी ने गुरुवार को एक साथ 20 लोगों से पूछताछ की।
- सीजीएल परीक्षा में सफल 1,932 अभ्यर्थियों में करीब 400 से पूछताछ हो चुकी है।
- अब तक नौ सफल अभ्यर्थियों समेत 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।
- अभय तिवारी समेत चार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
- एसीएफ और एफआरओ परीक्षा की करीब 500 ओएमआर शीट में कथित हेरफेर की जानकारी कोर्ट को दी गयी है।
JSSC CGL Scam:अभय तिवारी, धर्मेंद्र समेत चार आरोपी रिमांड पर
सीआईडी ने कथित भर्ती घोटाले के मास्टरमाइंड और टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी, मुख्य सचिव कार्यालय के कर्मी धर्मेंद्र तथा टीडीपीएल के दो कर्मचारियों प्रदीप कुमार सिंह और संजय को गुरुवार को रिमांड पर लिया।
अभय तिवारी को दो दिन की रिमांड मिली है, जबकि धर्मेंद्र, प्रदीप कुमार सिंह और संजय को तीन-तीन दिन की रिमांड पर लिया गया है। चारों से पूछताछ में परीक्षा संचालन और कथित भर्ती सिंडिकेट के नेटवर्क से जुड़े सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
जांच में राज्य में भर्ती सिंडिकेट के सक्रिय होने के संकेत मिलने का दावा किया गया है। आरोप है कि सिंडिकेट पैसे लेकर जेएसएससी और जेपीएससी की परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को गलत तरीके से सफल कराता था। अब जांच का दायरा उन लोगों तक बढ़ाया जा रहा है, जो प्रश्नपत्र, परीक्षा प्रक्रिया, ओएमआर शीट और नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े रहे हैं।
JSSC CGL Scam:रविशंकर से भी होगी पूछताछ, कुंदन कुमार से मांगी जाएगी जानकारी
भर्ती घोटाले के आरोपी रविशंकर ने बुधवार को अदालत में सरेंडर किया। सीआईडी लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी और उसके ठिकानों पर छापेमारी भी की गयी थी। अब एजेंसी उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है। शुक्रवार को रिमांड के लिए अदालत में आवेदन दिए जाने की संभावना है।
सीजीएल के सफल अभ्यर्थी कुंदन कुमार से भी सीआईडी पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि उससे परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी और भर्ती सिंडिकेट के नेटवर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
धर्मेंद्र के अधिवक्ता ने उसे निर्दोष बताते हुए आरोप लगाया कि बड़े लोगों को बचाने के लिए उसे मामले में फंसाया गया है। दूसरी ओर सीआईडी का कहना है कि टीडीपीएल के निदेशक रामबीर सिंह, वेबेल कंपनी के अरुण सिंह और अभय तिवारी ने अपने बयानों में धर्मेंद्र की भूमिका को अहम बताया है।
जांच एजेंसी के अनुसार धर्मेंद्र तत्कालीन जेपीएससी अध्यक्ष एल खियांग्ते से सीधे जुड़ा था। आरोप है कि उसने पैसे लेकर परीक्षा संचालन करने वाली कंपनियों को काम दिलाया। छापेमारी के दौरान उसके कार्यालय से अभ्यर्थियों के आठ एडमिट कार्ड भी बरामद होने का दावा किया गया है।
मामले में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष और जांच एजेंसी के संचालक समेत कई आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।


















