Jivanlal Lavidia CBI FIR: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा-III, नई दिल्ली ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में हैदराबाद के तत्कालीन इनकम टैक्स कमिश्नर जीवनलाल लाविदिया और उनकी पत्नी शिप्रा श्रीवास्तव के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह मामला 10 सितंबर को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 1988 के तहत दर्ज किया गया है। शिप्रा श्रीवास्तव उस समय CISF में DIG के पद पर तैनात थीं। CBI की FIR में लाविदिया पर निर्धारित जांच अवधि के दौरान अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया है। वहीं, उनकी पत्नी पर कथित तौर पर इस संपत्ति को अर्जित करने में सहयोग करने का आरोप है। मामले में जांच एजेंसी की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच जारी है।
CBI FIR में 1.11 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का आरोप
FIR के मुताबिक, CBI ने 1 अप्रैल 2022 से 10 मई 2025 तक की अवधि को जांच के दायरे में लिया है। एजेंसी के आरोप के अनुसार, इस अवधि में जीवनलाल लाविदिया की कुल आय 1,95,74,358 रुपये थी। वहीं, CBI ने उनकी कुल संपत्ति और खर्च का मूल्य 3,07,52,247 रुपये आंका है। FIR में दर्ज गणना के अनुसार दोनों के बीच का अंतर 1,11,77,889 रुपये है। एजेंसी ने इसे आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति बताया है। CBI की FIR में यह भी आरोप है कि यह कथित अतिरिक्त संपत्ति उनकी ज्ञात आय से 57.10 प्रतिशत अधिक थी। जांच अवधि के अंत में लाविदिया और उनके परिवार की कुल संपत्ति 4,31,60,820 रुपये आंकी गई है।
पत्नी पर भी सहयोग करने का आरोप
FIR में शिप्रा श्रीवास्तव का नाम भी आरोपी के तौर पर दर्ज किया गया है। CBI के अनुसार, उन्होंने अपने पति को कथित तौर पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने में मदद की। हालांकि, FIR में लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं। FIR दर्ज होना अपने आप में किसी आरोपी के खिलाफ अपराध सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। मामले में आगे की जांच के दौरान संपत्तियों, आय के स्रोतों और संबंधित वित्तीय लेनदेन की जांच की जाएगी।
2004 बैच के IRS अधिकारी हैं जीवनलाल लाविदिया
जीवनलाल लाविदिया 2004 बैच के IRS अधिकारी हैं। स्रोत के अनुसार, वह हैदराबाद में इनकम टैक्स कमिश्नर (छूट) के पद पर तैनात थे। उन्हें प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, हैदराबाद के कार्यालय में इनकम टैक्स कमिश्नर (अपील), यूनिट-8 और यूनिट-7 का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया था। इसी दौरान उनके खिलाफ CBI की जांच से जुड़ा यह मामला सामने आया है।
पहले भी दर्ज हो चुका है CBI का मामला
CBI की FIR में पहले दर्ज किए गए एक अन्य मामले का भी उल्लेख किया गया है। एजेंसी ने 9 मई 2025 को जीवनलाल लाविदिया और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसमें आरोप था कि करदाताओं के पक्ष में अपीलों का फैसला करने के लिए अनुचित लाभ लिया गया। इस मामले से जुड़ी शिकायत के आधार पर 9 मई 2025 को लाविदिया और शिप्रा श्रीवास्तव के आवासीय परिसरों समेत विभिन्न स्थानों पर तलाशी ली गई थी। CBI के अनुसार, तलाशी के दौरान लाविदिया और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर अर्जित चल-अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज मिले और जब्त किए गए। FIR से संबंधित शिकायत में यह भी आरोप है कि दिल्ली स्थित शिप्रा श्रीवास्तव के आवासीय परिसर से संपत्तियों का विवरण दर्ज वाली एक रफ शीट और 54 लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
CBI ने यह केस भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के तहत दर्ज किया है। जीवनलाल लाविदिया के खिलाफ धारा 13(2) के साथ धारा 13(1)(b) के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं, शिप्रा श्रीवास्तव के खिलाफ धारा 12 के साथ धारा 13(2) और धारा 13(1)(b) के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं। अब जांच एजेंसी संबंधित संपत्तियों, आय और खर्च से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करेगी। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी।



















