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बिहार में शिक्षा व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान, 211 कॉलेजों और 2500 नियुक्तियों का जिक्र

पटना: श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में रविवार को वित्तरहित शिक्षकों के अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया और वित्तरहित शिक्षकों की समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तरहित शिक्षकों और उनके प्रतिनिधियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों से स्वयं मुलाकात कर उनकी बात सुनी जाएगी। साथ ही, अधिकारियों को भी इस दिशा में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

समस्याओं के समाधान के लिए गठित की गई कमिटी

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि वित्तरहित शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए कमिटी गठित की गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिक्षकों का सम्मान बना रहेगा और सरकार उनकी समस्याओं पर गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के निर्माता होते हैं और विद्यार्थियों के भविष्य को दिशा देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। युवा पीढ़ी को शिक्षित और सक्षम बनाने वाले शिक्षकों के योगदान को सम्मान देना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता के हित में लगातार काम कर रही है। लोगों की समस्याओं का समाधान करना सरकार का दायित्व है और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।

211 डिग्री कॉलेजों में एक साथ शुरू हुई पढ़ाई

मुख्यमंत्री ने बिहार में शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की ओर से किए जा रहे कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नई सरकार बनने के बाद 15 जुलाई को एक साथ 211 डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू कराई गई। उन्होंने यह भी बताया कि एक साथ 2,500 असिस्टेंट प्रोफेसरों की बहाली की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि बिहार के बच्चे बिहार में ही बेहतर शिक्षा प्राप्त करें और उन्हें अपने राज्य में ही योग्य शिक्षक उपलब्ध हों। उन्होंने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

मॉडल स्कूल और ऑनलाइन शिक्षा का जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 700 मॉडल स्कूलों यानी सरस्वती विद्या निकेतनों की स्थापना की गई है। इन विद्यालयों में करीब 3.5 लाख बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने ‘विद्यार्थी साथी’ ऐप के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इसके माध्यम से 75 हजार शिक्षकों को जोड़ा गया है। इस ऐप के जरिए रात के समय भी विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। फिलहाल लगभग 1 लाख 42 हजार बच्चे रात में इस माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के साथ-साथ वित्तरहित शिक्षकों का सम्मान भी कायम रहेगा।

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रोजगार और महिला शिक्षा को लेकर योजनाओं का उल्लेख

सम्राट चौधरी ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लक्ष्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने की दिशा में भी काम किया जाएगा, ताकि उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए महिला विश्वविद्यालय स्थापित करने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय में निचले स्तर के कर्मचारियों से लेकर कुलपति तक महिलाएं होंगी। उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय के पुनर्स्थापन का उल्लेख करते हुए विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री के अनुसार, विक्रमशिला विश्वविद्यालय के लिए 220 एकड़ जमीन आवंटित की जा चुकी है।

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शिक्षकों के सम्मान को बनाए रखने का आश्वासन

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के गौरवशाली अतीत और समृद्ध भविष्य के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने वित्तरहित शिक्षकों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं पर बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में विधान पार्षद प्रोफेसर डॉ. नवल किशोर यादव ने मुख्यमंत्री का अंगवस्त्र, प्रतीक चिन्ह और पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। समारोह को बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, विधान पार्षद प्रोफेसर डॉ. नवल किशोर यादव और विधान पार्षद नीरज कुमार ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधान पार्षद संजीव कुमार, प्रोफेसर डॉ. वीरेंद्र नारायण यादव, सर्वेश कुमार, एन.के. यादव, जीवन कुमार, विधायक रत्नेश कुशवाहा, पूर्व विधायक डॉ. रवीन्द्र यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में वित्तरहित शिक्षक मौजूद रहे।

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