Bihar Brick Industry, पटना: बिहार में ईंट उद्योग से जुड़ी समस्याओं के समाधान को लेकर खान एवं भूतत्व विभाग ने सकारात्मक रुख अपनाया है। विभाग ने ईंट निर्माताओं को भरोसा दिलाया है कि उद्योग के सुचारु और व्यवस्थित संचालन में आ रही कठिनाइयों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। कोयला आपूर्ति, कोयला कोटा, कर भुगतान प्रक्रिया और नदियों से निकलने वाले गाद के उठाव से जुड़े मुद्दों पर विभाग और ईंट निर्माता संघ के बीच विस्तार से चर्चा हुई। मंगलवार को सचिवालय स्थित कार्यालय में खान एवं भूतत्व विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में बिहार ईंट निर्माता संघ के प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में ईंट उद्योग की विभिन्न मांगों और समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि ईंट उद्योग राज्य की अर्थव्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण क्षेत्र है। इससे बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका चलती है। इसलिए विभाग उद्योग से जुड़े लोगों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगा।
कोयला आपूर्ति की बाधाएं दूर करने पर जोर
बैठक में बिहार ईंट निर्माता संघ ने बिहार स्टेट माइनिंग कॉरपोरेशन के माध्यम से पहले की तरह कोयला उपलब्ध कराने में आ रही परेशानियों से मंत्री को अवगत कराया। ईंट निर्माताओं ने बताया कि कोयले की उपलब्धता उद्योग के नियमित संचालन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। संघ की ओर से ईंट उद्योग की जरूरत के अनुसार कोयले का कोटा बढ़ाने की मांग भी रखी गई। इसके लिए भारत सरकार के कोयला मंत्रालय से अनुरोध किए जाने का मुद्दा उठाया गया। मंत्री ने कोयला आपूर्ति से जुड़ी बाधाओं को दूर करने और कोटा बढ़ाने के संबंध में आवश्यक पहल का आश्वासन दिया।
गंगा और सहायक नदियों के गाद उठाव में सहयोग
बैठक में गंगा और उसकी सहायक नदियों से निकलने वाले गाद के उठाव से जुड़े विषय पर भी चर्चा हुई। ईंट निर्माताओं को इस कार्य में आवश्यक सुविधा और सहयोग उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर विचार किया गया। मंत्री ने कहा कि गाद उठाव की प्रक्रिया में ईंट निर्माताओं को सहयोग देने की दिशा में विभाग काम करेगा। इससे ईंट उद्योग से जुड़े लोगों को कच्चे माल की उपलब्धता और संचालन संबंधी कुछ कठिनाइयों से राहत मिलने की उम्मीद है।
कर भुगतान प्रक्रिया को सरल बनाने की तैयारी
ईंट निर्माताओं के लिए खनन विभाग से संबंधित करों के भुगतान की प्रक्रिया को आसान और सुविधाजनक बनाने पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर विचार किया गया, जिसमें ईंट निर्माता निर्धारित खाते में स्वयं कर जमा कर सकें और भुगतान की रसीद विभाग को उपलब्ध करा सकें। इस प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य कर भुगतान की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना और ईंट निर्माताओं को अनावश्यक कार्यालयी प्रक्रियाओं से राहत देना है। विभाग की ओर से भुगतान व्यवस्था को अधिक सरल बनाने पर सकारात्मक विचार किया गया।
उद्योग की समस्याओं के समाधान का आश्वासन
मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि ईंट उद्योग से जुड़े लोगों की समस्याओं का समाधान विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को उद्योग के संचालन में आवश्यक सहयोग देने की दिशा में कार्य करने का भरोसा दिलाया। बैठक में खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह, बिहार ईंट निर्माता संघ के अध्यक्ष कृष्ण मुरारी मन्नु, सचिव मनीष कुमार, नालंदा जिला ईंट निर्माता संघ के सचिव सतीश चौहान सहित ईंट निर्माता संघ के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में हुई चर्चा के बाद ईंट उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों को कोयला आपूर्ति, कर भुगतान और गाद उठाव जैसे मुद्दों पर आगे सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद जगी है।
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