LNMU PAT 2024 Protest, दरभंगा: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) में PAT-2024 की प्रक्रिया में लगातार हो रहे विलंब और छात्रों के भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता के खिलाफ रविवार को विश्वविद्यालय परिसर में अभ्यर्थियों की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रहलाद कुमार सिन्हा ने की। इसमें विभिन्न विषयों के PAT-2024 अभ्यर्थी और शोधार्थी शामिल हुए। बैठक में राजभवन की ओर से विश्वविद्यालय से जुड़े मामलों में लिए जा रहे निर्णयों को लेकर अभ्यर्थियों ने रोष जताया। छात्रों का कहना है कि उनके भविष्य से जुड़े मामलों में लगातार देरी से परेशानी बढ़ रही है।
इंटरव्यू और नामांकन को लेकर बनी असमंजस की स्थिति
बैठक को संबोधित करते हुए छात्र नेता प्रिंस राज ने कहा कि PAT-2024 की परीक्षा और परिणाम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी इंटरव्यू और नामांकन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। उनका कहना है कि लंबे समय से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को बार-बार उत्पन्न हो रही अनिश्चितता के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रिंस राज ने आरोप लगाया कि PAT-2024 के मामले में राजभवन की ओर से लगातार हस्तक्षेप किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे छात्रों के भविष्य पर असर पड़ रहा है।
पहले भी रोक का मुद्दा उठाया गया था
प्रिंस राज ने दावा किया कि इससे पहले भी राजभवन की ओर से PAT-2024 की प्रक्रिया पर रोक लगाई गई थी। उनके अनुसार, छात्रों के एकजुट होकर सड़क से न्यायालय तक जाने की स्थिति बनने के बाद यह आदेश वापस लिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद फिर से इसी तरह की स्थिति पैदा हुई है। उन्होंने विश्वविद्यालय और राजभवन से PAT-2024 को लेकर तत्काल स्पष्ट और छात्रहित में निर्णय लेने की मांग की। प्रिंस राज ने सरकार से राजभवन में पदस्थ अधिकारी को हटाने की भी मांग की।

8 अक्टूबर को पुतला दहन का फैसला
बैठक को संबोधित करते हुए छात्र नेताओं दिव्यम और प्रहलाद ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से 8 अक्टूबर को राजभवन के अपर मुख्य सचिव का पुतला दहन करने का निर्णय लिया गया है। अभ्यर्थियों के अनुसार, इस प्रदर्शन के जरिए PAT-2024 को लेकर उनकी मांगों और भविष्य से जुड़ी अनिश्चितता के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा।
फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
अभ्यर्थियों ने कहा कि यदि PAT-2024 के संबंध में विश्वविद्यालय की ओर से जल्द छात्रहित में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया और इंटरव्यू सहित आगे की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। छात्रों ने आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय परिसर से लेकर राजभवन तक चरणबद्ध आंदोलन चलाने पर भी विचार करने की बात कही है। बैठक में प्रिंस राज, प्रहलाद कुमार सिन्हा, दिव्यम राज, दीपक कुमार, शंकर कुमार, प्रणव कुमार, मो. मुनीब, देवेंद्र कुमार, मोहम्मद अशरफ, मयंक राज, चेतन चौधरी सहित कई अभ्यर्थी मौजूद रहे।
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