झारखंड में कथित JPSC मेधा घोटाले की जांच का दायरा बढ़ गया है। CID अब 18 और परीक्षाओं के सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ की तैयारी कर रही है।
JPSC Exam Scam रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC की परीक्षाओं में कथित मेधा घोटाले की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक 14वीं जेपीएससी, सहायक वन संरक्षक और वन क्षेत्र पदाधिकारी परीक्षा की जांच कर रही सीआईडी ने 18 और परीक्षाओं को जांच के दायरे में शामिल करने की तैयारी शुरू कर दी है। इन परीक्षाओं में सफल होकर सरकारी पदों पर नियुक्त हो चुके अभ्यर्थियों से भी पूछताछ की जा सकती है।
सीआईडी को संदेह है कि कुछ परीक्षाओं में पेपर लीक, ओएमआर शीट में हेराफेरी और कथित सेटिंग के जरिये अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाया गया। जांच एजेंसी ने जेपीएससी से संबंधित जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल शुरू कर दी है।
JPSC Exam Scam: 21 JPSC परीक्षाओं की जांच, 18 और में सफल अभ्यर्थियों पर नजर
अब तक सीआईडी की जांच मुख्य रूप से तीन परीक्षाओं पर केंद्रित थी। इनमें 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा, सहायक वन संरक्षक और वन क्षेत्र पदाधिकारी परीक्षा शामिल हैं। अब मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से आयोजित जेपीएससी की सभी 21 परीक्षाएं जांच के दायरे में आ गयी हैं।
जांच के अगले चरण में फूड सेफ्टी ऑफिसर, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी यानी सीडीपीओ और सिविल सेवा परीक्षा 2023 भी शामिल हैं। इन तीन परीक्षाओं के माध्यम से 462 पदों पर नियुक्तियां हो चुकी हैं। सीआईडी इन परीक्षाओं में सफल होकर नौकरी कर रहे अभ्यर्थियों को पूछताछ के लिए समन भेजने की तैयारी कर रही है।
इसके अलावा सिविल सेवा संयुक्त परीक्षा 2023, सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा 2023 और 2025 के सफल अभ्यर्थियों से भी पूछताछ की तैयारी है। विश्वविद्यालयों में गैर शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति, सहायक निदेशक, सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर और ड्रग इंस्पेक्टर से संबंधित परीक्षाओं की भी जांच की जा रही है।
Key Highlights
- JPSC की तीन परीक्षाओं से बढ़कर अब सभी 21 परीक्षाएं जांच के दायरे में।
- सीआईडी 18 और परीक्षाओं के सफल अभ्यर्थियों को पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी में।
- अब तक 27 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
- जांच के लिए सीआईडी ने छह विशेष टीमों का गठन किया है।
- पेपर लीक, ओएमआर शीट में हेराफेरी और कथित सेटिंग के आरोपों की जांच हो रही है।
JPSC Exam Scam: छह विशेष टीमों ने संभाली जांच की कमान, 27 आरोपी जेल भेजे गये
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सीआईडी ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए छह विशेष टीमों का गठन किया है। इन टीमों ने जेपीएससी से संबंधित परीक्षाओं के जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिये हैं। अब परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों का पूरा ब्योरा खंगाला जा रहा है।
मामले में सीआईडी अब तक 27 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इनमें जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एल खियांग्ते और उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता समेत अन्य लोग शामिल हैं।
14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित सेटिंग के जरिये सफल होने के आरोप में सुमन सौरभ, दीपक राणा, ओमप्रकाश राणा, उमाकांत उरांव, रोशन केरकेट्टा, मनोज कुमार और रक्षक सिंह को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, एसीएफ और एफआरओ परीक्षा के सफल अभ्यर्थी ऋतिक रौशन और पंकज प्रसून्न भी जेल भेजे जा चुके हैं।
सीआईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित गड़बड़ी केवल कुछ परीक्षाओं तक सीमित थी या परीक्षा प्रक्रिया में व्यापक स्तर पर अनियमितता हुई।
JPSC Exam Scam: JPSC की कई अन्य परीक्षाओं की भी होगी पड़ताल
जांच के दायरे में लोक अभियोजक, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, सीडीपीओ, झारखंड पात्रता परीक्षा 2024 और छठी सीमित उपसमाहर्ता परीक्षा 2018 के सफल अभ्यर्थी भी हैं।
इसके अलावा इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में प्राध्यापकों की नियुक्ति से जुड़ी 2025 और 2026 की परीक्षाओं की भी जांच की जाएगी। सिविल जज जूनियर डिविजन नियुक्ति परीक्षा 2023 तथा एसीएफ और एफआरओ नियुक्ति परीक्षा 2024 की फाइलों को भी खंगाला जा रहा है।
जांच एजेंसी को छात्र आंदोलन की क्राउड फंडिंग से संबंधित एक शिकायत भी मिली है। शिकायत में आंदोलन के लिए करोड़ों रुपये जुटाने और उसके स्रोत व खर्च की जांच की मांग की गयी है। हालांकि, सीआईडी ने इस शिकायत की पुष्टि नहीं की है और न ही इस संबंध में जांच शुरू होने की जानकारी दी है।


















