झारखंड में SIR के तहत 11.79 लाख दावे-आपत्तियां मिली हैं। 14 अक्टूबर तक निपटारे के बजाय प्रक्रिया 30 नवंबर तक बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है।
Jharkhand SIR रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया तय समय सीमा से आगे बढ़ सकती है। मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार दावे और आपत्तियों का निपटारा 14 अक्टूबर तक और अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 19 अक्टूबर को होना है। हालांकि, दावा-आपत्ति की अवधि समाप्त होने तक बड़ी संख्या में आवेदन मिलने और लाखों नोटिसों का निपटारा लंबित रहने के कारण राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने भारत निर्वाचन आयोग से समयसीमा बढ़ाने का आग्रह किया है।
राज्य स्तर पर प्रक्रिया को 30 नवंबर तक जारी रखने और अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला भारत निर्वाचन आयोग को लेना है।
Jharkhand SIR:11.79 लाख दावे-आपत्तियां, अंतिम दिनों में भी आए हजारों आवेदन
SIR के तहत दावा-आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तारीख 30 सितंबर थी। अंतिम दिन ही 59,666 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 34,820 फॉर्म-6 और 24,106 फॉर्म-8 के आवेदन शामिल थे। इसके बाद भी भौतिक रूप से प्राप्त आवेदनों को डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
दिए गये आंकड़ों के अनुसार, 3 अक्टूबर तक 7,27,252 फॉर्म-6, 13,696 फॉर्म-7, 4,80,016 फॉर्म-8 और 113 फॉर्म-6ए डिजिटाइज किए जा चुके थे। इस तरह डिजिटाइजेशन के स्तर पर कुल 12,29,268 आवेदन दर्ज होने की जानकारी दी गयी है।
राज्य में दावे और आपत्तियों के तहत फॉर्म-6, फॉर्म-6ए, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के कुल 11,79,761 आवेदन प्राप्त होने की जानकारी है। बड़ी संख्या में आवेदनों के कारण कम समय में इनका निपटारा करना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
Key Highlights
- झारखंड में SIR की अंतिम मतदाता सूची 19 अक्टूबर को प्रकाशित होनी है।
- राज्य सरकार ने प्रक्रिया को 30 नवंबर तक बढ़ाने का आग्रह किया है।
- दावे और आपत्तियों की अवधि 30 सितंबर को समाप्त हो चुकी है।
- अंतिम दिन 59,666 आवेदन प्राप्त हुए थे।
- करीब 63.24 लाख नोटिसों के निपटारे की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।
Jharkhand SIR:63.24 लाख नोटिसों का निपटारा अभी बाकी
झारखंड में SIR का ड्राफ्ट रोल 5 अगस्त को प्रकाशित किया गया था। इसके बाद बड़ी संख्या में मतदाताओं को नो-मैपिंग, DSE और लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी समेत अलग-अलग कारणों से नोटिस जारी किये गये।
जानकारी के अनुसार, करीब 63.24 लाख नोटिसों के निपटारे की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। इनमें करीब 14.03 लाख नो-मैपिंग, 3.65 लाख DSE और 45.55 लाख लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी से जुड़े मामले शामिल हैं।
इन मामलों में दस्तावेजों की जांच, संबंधित मतदाताओं से जवाब और आवश्यक रिकॉर्ड के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद ही अंतिम निर्णय लिया जा सकेगा। ऐसे में 14 अक्टूबर तक सभी दावे-आपत्तियों का निपटारा करना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
Jharkhand SIR:दूसरे राज्यों में भी बढ़ चुकी है SIR की समयसीमा
भारत निर्वाचन आयोग पहले भी जरूरत के अनुसार दूसरे राज्यों में SIR की समयसीमा बढ़ा चुका है। दिल्ली के मामले में दावा-आपत्ति की अवधि 30 अक्टूबर तक और नोटिस तथा दावे-आपत्तियों के निपटारे की अवधि 30 नवंबर तक बढ़ायी गयी है।
इससे झारखंड में भी समयसीमा बढ़ाये जाने की संभावना को लेकर चर्चा तेज हुई है। हालांकि, राज्य में SIR का कार्यक्रम कितने दिनों के लिए आगे बढ़ाया जाएगा, इसका अंतिम निर्णय भारत निर्वाचन आयोग ही करेगा।
राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की ओर से प्रक्रिया को 30 नवंबर तक जारी रखने की तैयारी की जा रही है। नोटिसों के निपटारे, दस्तावेजों के सत्यापन और लंबित दावों-आपत्तियों की सुनवाई पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने की दिशा में आगे की प्रक्रिया तय होगी।


















