Bihar Paddy Procurement 2026: बिहार में किसानों से धान खरीद की प्रक्रिया नवंबर महीने से शुरू करने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में धान अधिप्राप्ति, राशन कार्ड जारी करने, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और उपभोक्ताओं को खाद्यान्न उपलब्ध कराने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में किसानों से धान खरीद का वर्तमान लक्ष्य 35 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन करने के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत सरकार से सहयोग मांगा जाएगा। हालांकि, लक्ष्य बढ़ाने के प्रस्ताव को लेकर अंतिम निर्णय की जानकारी नहीं दी गई।
धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाने पर विचार
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, किसानों से खाद्यान्न खरीद, जन वितरण प्रणाली और राशन कार्ड जारी करने की प्रगति की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने धान अधिप्राप्ति का कार्य नवंबर से शुरू करने का निर्देश दिया। बैठक में खरीद का लक्ष्य बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई, ताकि किसानों से अधिक मात्रा में धान की खरीद की जा सके। प्रस्तावित 50 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग पर भी जोर दिया गया।

पात्र लोगों के राशन कार्ड बनाने के लिए चलेगा विशेष अभियान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य के सभी पात्र गरीब परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए पंचायत दिवस कार्यक्रम और सहयोग शिविरों के माध्यम से विशेष अभियान चलाकर निर्धारित लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र लाभार्थी राशन कार्ड से वंचित नहीं रहना चाहिए। बैठक में विशेष अभियान के तहत नए राशन कार्ड जारी करने की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र परिवारों तक पहुंचे।

80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों और दिव्यांगों को घर पहुंचेगा राशन
सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनाने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए खाद्यान्न की होम डिलीवरी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। खाद्यान्न वितरण में अनियमितता की शिकायत मिलने पर गंभीरता से कार्रवाई की जानी चाहिए। बैठक में नई जन वितरण प्रणाली दुकानों की अनुज्ञप्ति जारी करने की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने लंबित प्रक्रिया को जल्द पूरा करने और खाद्य सुरक्षा से जुड़े कार्यों में लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया।
PNG और CNG सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर
समीक्षा बैठक के दौरान बिहार में पीएनजी और सीएनजी से संबंधित विभिन्न मानकों पर राज्य की रैंकिंग की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने राज्य में पीएनजी अवसंरचना विकसित करने और संबंधित सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया। बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, विभागीय सचिव अभय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


















