रांची के कांके स्थित आदर्श नगर में समेति निदेशक रामशंकर प्रसाद के घर सात अपराधियों ने दिनदहाड़े डकैती की। जेवर और नकदी समेत 3.50 करोड़ रुपये के सामान लूटे। पुलिस सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से जांच कर रही है।
Ranchi Crime News रांची: राजधानी रांची में अपराधियों ने दिनदहाड़े बड़ी डकैती की घटना को अंजाम दिया है। रिंग रोड स्थित कांके के आदर्श नगर में मंगलवार सुबह राज्य कृषि प्रबंधन एवं विस्तार प्रशिक्षण संस्थान (समेति) के निदेशक रामशंकर प्रसाद के घर सात अपराधियों ने धावा बोला। अपराधियों ने हथियार के बल पर परिवार के पांच सदस्यों को बंधक बना लिया और जेवर तथा नकदी समेत करीब 3.50 करोड़ रुपये के सामान लूट लिए। वारदात के बाद सभी अपराधी पिठौरिया की ओर फरार हो गए। पुलिस ने डकैती में इस्तेमाल की गई इनोवा गाड़ी बरामद कर ली है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की तलाश कर रही है।
Ranchi Crime News:दरवाजा खुलते ही परिवार को हथियार के बल पर बनाया बंधक
घटना मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे की है। जानकारी के अनुसार, सात अपराधी इनोवा गाड़ी से समेति निदेशक रामशंकर प्रसाद के घर पहुंचे। घर का दरवाजा खटखटाने पर उनकी मां ने दरवाजा खोला। बताया गया कि एक दिन पहले कुछ लोग घर पर चंदा मांगने आए थे। इसी कारण सुबह दरवाजा खटखटाने पर उन्हें लगा कि फिर कोई चंदा मांगने आया है।
दरवाजा खुलते ही अपराधियों ने घर में मौजूद लोगों को हथियार के बल पर अपने कब्जे में ले लिया। तीन महिलाओं समेत परिवार के पांच सदस्यों को एक कमरे में ले जाकर बंधक बना दिया गया। इनमें समेति निदेशक भी शामिल थे। दो अपराधी पिस्टल ताने हुए परिवार पर नजर रखे रहे और शोर मचाने पर गोली मारने की धमकी दी। इस दौरान अन्य पांच अपराधियों ने घर के अलग-अलग कमरों की तलाशी ली और कीमती सामान समेट लिया।
अपराधी घर से जेवर और नकदी समेत करीब 3.50 करोड़ रुपये के सामान लेकर फरार हो गए। घटना के समय रामशंकर प्रसाद के पिता दूध लाने के लिए बाहर गए हुए थे।
Ranchi Crime News:पेट्रोल खत्म होने पर पिठौरिया में गाड़ी छोड़कर भागे अपराधी
डकैती के बाद अपराधी इनोवा से पिठौरिया की ओर भागे। रास्ते में गाड़ी का पेट्रोल खत्म हो गया, जिसके बाद वे वाहन छोड़कर फरार हो गए। पुलिस को पिठौरिया के सुतियांबे में लावारिस हालत में गाड़ी मिली। वाहन का नंबर जेएच 14 सी 4405 बताया गया है।
पुलिस की जांच में सामने आया कि गाड़ी सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के रातू रोड स्थित इंद्रपुरी निवासी कुंदन कुमार के नाम पर रजिस्टर्ड है। वाहन के रजिस्ट्रेशन में दर्ज मोबाइल नंबर भी लगातार बंद आ रहा है। हालांकि, वाहन के पंजीकृत मालिक की पहचान सामने आने मात्र से डकैती में उसकी संलिप्तता साबित नहीं होती है। पुलिस इस संबंध में आगे की जांच कर रही है।
घटना की सूचना मिलते ही थानेदार, डीएसपी और ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने राजधानी से बाहर निकलने वाले सीमावर्ती इलाकों में सतर्कता बढ़ाई और सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए।
Key Highlights
- रांची के कांके स्थित आदर्श नगर में मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे डकैती।
- समेति निदेशक रामशंकर प्रसाद के घर से जेवर और नकदी समेत करीब 3.50 करोड़ रुपये के सामान की लूट।
- सात अपराधियों ने हथियार के बल पर तीन महिलाओं समेत पांच लोगों को बनाया बंधक।
- पिठौरिया के सुतियांबे में डकैती में इस्तेमाल की गई इनोवा गाड़ी बरामद।
- पुलिस सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और छापेमारी के जरिए अपराधियों की तलाश कर रही है।
Ranchi Crime News:डॉग स्क्वायड और टेक्निकल टीम ने जुटाए सुराग
मामले की जांच के लिए टेक्निकल टीम और डॉग स्क्वायड को बुलाया गया। डॉग स्क्वायड पिठौरिया की ओर कुछ दूर जाने के बाद रुक गया। वहीं, टेक्निकल टीम को जांच के दौरान कुछ अहम सुराग मिलने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने इन सुरागों के बारे में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की।
पुलिस सभी संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने भी तत्काल मीडिया से बात करने से परहेज किया। खबर लिखे जाने तक अपराधियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई थी। पुलिस के अनुसार, उस समय तक पीड़ित पक्ष की ओर से लिखित आवेदन भी नहीं दिया गया था।
Ranchi Crime News:एसएसपी की बैठक के 12 घंटे बाद वारदात
राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसएसपी राकेश रंजन ने सोमवार शाम सभी डीएसपी और थानेदारों के साथ करीब चार घंटे तक बैठक की थी। त्योहारों को देखते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया था। इसके करीब 12 घंटे बाद ही कांके में इतनी बड़ी डकैती की घटना सामने आई।
मामले में थानेदार कुणाल कुमार ने बताया कि पुलिस छापेमारी कर रही है और जांच जारी है। उन्होंने कहा कि उस समय तक मामले में ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई थी। अब पुलिस के सामने अपराधियों की पहचान करने, लूटे गए सामान का पता लगाने और वारदात की पूरी साजिश का खुलासा करने की चुनौती है।


















