झारखंड हाईकोर्ट ने अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने वाले बांग्लादेशी नागरिक मो नजमुल हवालदार की आपराधिक अपील खारिज कर दी। अदालत ने सजा पूरी होने के बाद भी जेल में रखने पर नाराजगी जताई।
Jharkhand High Court रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने के मामले में दोषी ठहराए गए बांग्लादेशी नागरिक मो नजमुल हवालदार की आपराधिक अपील खारिज कर दी है। जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि जब कोई विदेशी नागरिक अपनी सजा पूरी कर चुका है, तो उसे केवल अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के नाम पर जेल में रखना उचित नहीं है। अदालत ने इस मामले में झारखंड, पश्चिम बंगाल और केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई।
Jharkhand High Court: दो साल की सजा पूरी होने के बाद भी जेल में रखने पर सवाल
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि मो नजमुल हवालदार को भारत में अवैध प्रवेश के मामले में दोषी ठहराया गया था और वह अपनी दो साल की सजा पूरी कर चुका है। इसके बावजूद उसे जेल में रखा जाना उचित नहीं है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि सजा पूरी होने के बाद किसी व्यक्ति को केवल अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के पूरा होने का हवाला देकर अनिश्चितकाल तक जेल में रखना न्यायसंगत नहीं है। मामले में अदालत ने बंदी की स्थिति और सजा पूरी होने के बाद भी जेल में रखे जाने के औचित्य पर सवाल उठाए।
Key Highlights
- झारखंड हाईकोर्ट ने मो नजमुल हवालदार की आपराधिक अपील खारिज की।
- नजमुल को भारत में अवैध प्रवेश के मामले में दोषी ठहराया गया था।
- वह दो साल की सजा पूरी कर चुका है।
- सजा पूरी होने के बाद भी जेल में रखने को अदालत ने अनुचित बताया।
- झारखंड, पश्चिम बंगाल और केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर अदालत ने नाराजगी जताई।
Jharkhand High Court: झारखंड, पश्चिम बंगाल और केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर नाराजगी
झारखंड हाईकोर्ट ने मामले में संबंधित सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। अदालत ने झारखंड, पश्चिम बंगाल और केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि सजा पूरी कर चुके विदेशी नागरिक के मामले में कानूनी प्रक्रिया को लेकर उचित कदम उठाए जाने चाहिए।
हालांकि, अदालत ने मो नजमुल हवालदार की आपराधिक अपील खारिज कर दी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सुनवाई के दौरान अदालत की प्रमुख चिंता सजा पूरी होने के बाद भी उसे जेल में रखे जाने को लेकर थी।


















