Bihar Madhyama Pass Students: बिहार में मध्यमा उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए आगे की पढ़ाई के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार पहल करने जा रही है। प्रस्ताव के तहत विद्यार्थियों को बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के माध्यम से प्लस टू यानी इंटरमीडिएट स्तर की पढ़ाई का अवसर देने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए संबंधित अधिनियम में आवश्यक संशोधन की तैयारी है।
शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा
गत दिनों शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इसका उद्देश्य मध्यमा पास विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई जारी रखने का अवसर उपलब्ध कराना है। प्रस्ताव को लागू करने के लिए कानूनी प्रावधानों में जरूरी बदलाव किए जाएंगे।
पिछले साल करीब 24 हजार विद्यार्थियों ने पास की मध्यमा परीक्षा
बताया जाता है कि पिछले वर्ष बिहार में करीब 24 हजार विद्यार्थियों ने मध्यमा की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इन विद्यार्थियों को आगे की शिक्षा से जोड़ने के लिए प्लस टू स्तर की पढ़ाई की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए अधिनियम में संशोधन और संबंधित प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
संस्कृत विद्यालयों और मदरसों की होगी जांच
इसी बीच शिक्षा विभाग ने राज्य के संस्कृत विद्यालयों और मदरसों की जांच कराने का निर्देश दिया है। संबंधित अधिकारियों को जांच कर एक महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। इस प्रक्रिया के तहत संस्थानों की जांच रिपोर्ट निर्धारित समय-सीमा में विभाग को उपलब्ध करानी होगी।
एक्ट में संशोधन के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
मध्यमा पास विद्यार्थियों के लिए प्लस टू की पढ़ाई की व्यवस्था लागू करने के लिए बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के माध्यम से आवश्यक प्रावधान तैयार किए जाने हैं। संबंधित अधिनियम में संशोधन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रस्तावित व्यवस्था के क्रियान्वयन की स्थिति स्पष्ट होगी। इससे मध्यमा उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए आगे की पढ़ाई के संभावित रास्ते खुल सकते हैं।


















