Bihar Seed Infrastructure Modernization, पटना: बिहार में किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने और बीज उत्पादन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कृषि विभाग ने बड़ी पहल की है। राज्य में बीज विश्लेषण प्रयोगशालाओं, बीज प्रसंस्करण संयंत्रों और भंडारण गोदामों का निर्माण, आधुनिकीकरण एवं सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के तहत 11 करोड़ 82 लाख रुपये से अधिक की राशि की स्वीकृति दी गई है। बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने 31 अक्टूबर को इसकी जानकारी दी। कृषि मंत्री के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य किसानों को समय पर बेहतर गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही बीजों के प्रसंस्करण, भंडारण और वितरण से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं को आधुनिक बनाया जाएगा, ताकि प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में भी किसानों को बीज की आपूर्ति बाधित न हो।
बीज अवसंरचना के विकास पर खर्च होंगे 11.82 करोड़ रुपये से अधिक
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन-बीज घटक के तहत यह योजना लागू की जा रही है। यह योजना कृषोन्नति योजना के अंतर्गत संचालित होगी। इसके तहत बीज गुणवत्ता नियंत्रण को मजबूत करने, बीज अवसंरचना के निर्माण और आधुनिकीकरण तथा राष्ट्रीय बीज भंडारण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए कुल 11 करोड़ 82 लाख रुपये से अधिक की राशि की योजना के कार्यान्वयन की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके साथ ही संबंधित राशि की निकासी और व्यय की भी मंजूरी दी गई है। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त और समृद्ध अन्नदाता के संकल्प को पूरा करने के लिए बिहार सरकार प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में किसानों को गुणवत्तायुक्त बीजों की समय पर उपलब्धता और आधुनिक भंडारण सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
मुजफ्फरपुर, भागलपुर और कैमूर की प्रयोगशालाएं होंगी मजबूत
योजना के तहत राज्य में बीज गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई बीज विश्लेषण प्रयोगशालाओं का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इसमें बसोका के अधीन मुजफ्फरपुर और भागलपुर स्थित बीज विश्लेषण प्रयोगशालाएं शामिल हैं। इसके अलावा राज्यस्तरीय बीज विश्लेषण प्रयोगशाला और क्षेत्रीय बीज विश्लेषण प्रयोगशाला, कैमूर को भी मजबूत बनाया जाएगा। इन प्रयोगशालाओं के विकास से बीजों की गुणवत्ता जांच से जुड़ी व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। कृषि विभाग का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि किसानों तक पहुंचने वाले बीज निर्धारित गुणवत्ता के हों। गुणवत्तायुक्त बीज मिलने से कृषि उत्पादन और उत्पादकता को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
हाजीपुर और भागलपुर में बनेंगे आधुनिक बीज प्रसंस्करण संयंत्र
बीज प्रसंस्करण से जुड़ी आधारभूत संरचना के विकास के लिए हाजीपुर और भागलपुर में बीज प्रसंस्करण संयंत्रों का निर्माण एवं आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही लखीसराय जिले के हलसी में बीज प्रसंस्करण संयंत्र का निर्माण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इन संयंत्रों के विकास का उद्देश्य बीजों के प्रसंस्करण की क्षमता और कार्यक्षमता में वृद्धि करना है। कृषि मंत्री ने बताया कि मौजूदा प्रसंस्करण इकाइयों को भी आधुनिक बनाया जाएगा, ताकि बीजों की गुणवत्ता बनाए रखने और वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सके।
हाजीपुर और हलसी में बनेंगे बीज भंडारण गोदाम
बीजों के सुरक्षित भंडारण के लिए हाजीपुर और हलसी (लखीसराय) में बीज भंडारण गोदामों का निर्माण एवं आधुनिकीकरण किया जाएगा। सरकार का मानना है कि बीज उत्पादन के साथ-साथ उनके सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था मजबूत होना भी जरूरी है। कृषि मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में किसानों को समय पर बीज उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय बीज भंडारण व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाया जाएगा। इसके लिए प्रसंस्करण, भंडारण और वितरण से जुड़ी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।
बेहतर बीज से बढ़ेगी कृषि उत्पादकता और किसानों की आय
विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि गुणवत्तायुक्त बीज कृषि उत्पादन की आधारशिला हैं। किसानों को समय पर बेहतर गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध होने से कृषि उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही किसानों की आय और आर्थिक समृद्धि को भी नई मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार की इस योजना के तहत प्रयोगशालाओं के सुदृढ़ीकरण से लेकर प्रसंस्करण संयंत्रों और भंडारण गोदामों के विकास तक कई स्तरों पर काम किया जाएगा। अब इस योजना के क्रियान्वयन से बिहार में बीज आपूर्ति व्यवस्था कितनी मजबूत होती है, इस पर किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों की नजर रहेगी।
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