बिहार में खरीफ विपणन मौसम 2026-27 के तहत 1 नवंबर से उत्तर बिहार के 19 जिलों में धान अधिप्राप्ति शुरू होगी।
Google पर 22Scope चुनेंBihar Paddy Procurement 2026, पटना: बिहार में खरीफ विपणन मौसम 2026-27 के तहत उत्तर बिहार के 19 जिलों में 1 नवंबर से धान अधिप्राप्ति यानी सरकारी खरीद की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इसके लिए सहकारिता विभाग ने 2,385 पैक्स एवं व्यापार मंडलों को क्रय केंद्र के रूप में चयनित किया है। विभाग के अनुसार, सभी चयनित केंद्रों पर धान खरीद से जुड़ी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। किसान इन केंद्रों पर अपनी उपज बेचकर सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ उठा सकेंगे। सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने स्पष्ट किया है कि धान अधिप्राप्ति की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित की जाएगी। किसी भी तरह की अनियमितता या लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी। सरकार का कहना है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और खरीद प्रक्रिया में बिचौलियों की भूमिका पर रोक लगाना प्राथमिकता है।
उत्तर बिहार के 19 जिलों में 1 नवंबर से धान की खरीद
सहकारिता विभाग, बिहार सरकार की ओर से 31 अक्टूबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, खरीफ विपणन मौसम 2026-27 के तहत उत्तर बिहार के 19 जिलों में एक नवंबर से सरकारी स्तर पर धान की खरीद शुरू होगी। इसके लिए कुल 2,385 पैक्स और व्यापार मंडलों का चयन क्रय केंद्र के रूप में किया गया है। विभाग का दावा है कि सभी चयनित केंद्रों पर धान अधिप्राप्ति से संबंधित जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। किसान निर्धारित केंद्रों पर अपना धान बेच सकेंगे। विभागीय अधिकारियों को खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित करने और केंद्रों की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।
सामान्य और ग्रेड-ए धान का MSP कितना मिलेगा?
केंद्र सरकार की ओर से खरीफ विपणन मौसम 2026-27 के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत सामान्य धान का MSP 2,441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान का MSP 2,461 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। इस दर के आधार पर किसानों को सरकारी खरीद केंद्रों पर अपनी उपज बेचने का अवसर मिलेगा। सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो और उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए परेशानियों का सामना न करना पड़े।
अनियमितता मिलने पर अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही
सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धान अधिप्राप्ति की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाएगी। मंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि खरीद निर्धारित मानकों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप होनी चाहिए। किसी भी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि किसानों को धान बेचने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। खरीद प्रक्रिया में बिचौलियों की भूमिका पर प्रभावी अंकुश लगाने और किसानों को सीधे लाभ पहुंचाने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
क्रय केंद्रों की होगी नियमित निगरानी
सहकारिता विभाग धान अधिप्राप्ति की तैयारियों और खरीद व्यवस्था की लगातार निगरानी कर रहा है। पैक्स एवं व्यापार मंडलों को क्रय केंद्र के रूप में चयनित करने के साथ ही खरीद प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को क्रय केंद्रों का नियमित अनुश्रवण करने और किसानों की शिकायतों का जल्द निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। विभाग का जोर इस बात पर है कि खरीद केंद्रों पर किसानों को अनावश्यक परेशानी न हो और पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार चले।
दक्षिण बिहार में 15 नवंबर से शुरू होगी खरीद की तैयारी
उत्तर बिहार के 19 जिलों में एक नवंबर से धान अधिप्राप्ति शुरू होने के बाद दक्षिण बिहार के जिलों में भी सरकारी खरीद की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। विभाग के अनुसार, दक्षिण बिहार में 15 नवंबर 2026 से धान खरीद प्रारंभ करने की तैयारी की जा रही है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिले। इसके साथ ही पूरी खरीद प्रक्रिया पारदर्शी, व्यवस्थित और जवाबदेह तरीके से संपन्न हो। अब किसानों की नजर सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू होने और निर्धारित MSP का लाभ मिलने पर रहेगी।
Bihar Paddy Procurement 2026 कब शुरू होगी?
उत्तर बिहार के 19 जिलों में 1 नवंबर 2026 से धान की सरकारी खरीद शुरू होगी, जबकि दक्षिण बिहार में 15 नवंबर से खरीद प्रारंभ होगी।
धान की खरीद के लिए कितने क्रय केंद्र तैयार हैं?
सहकारिता विभाग ने 2,385 पैक्स एवं व्यापार मंडलों को क्रय केंद्र के रूप में चयनित किया है।
सामान्य और ग्रेड-ए धान का MSP क्या है?
सामान्य धान का MSP 2,441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान का MSP 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित की जाएगी?
सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित होगी और किसी भी अनियमितता पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
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