साहिबगंज : जिले के बरहेट लैम्पस में धान खरीद में घोटाला किया गया है। 1200 क्विंटल धान खरीद का हिसाब नहीं मिल रहा है। ऐसे में किसानों का भुगतान रुक गया है। इस पर कुछ किसानों ने डीसी से शिकायत की। उपायुक्त को पूछताछ के क्रम में जानकारी मिली की धान मिल में नहीं पहुंचने से भुगतान नहीं हुआ है। जब सचिव से पूछा गया तो टाल मटोल करने लगा। इस पर डीसी ने एसडीओ हेमंत सती को जांच का निर्देश दिया।
एसडीओ और डीएसओ बरहेट लैम्पस पहुंचे और लैम्पस सचिव मो. समीर को बुलाया। मो. समीर के नहीं पहुंचने पर लैम्पस का ताला तोडा गया तो वहां 30 से 35 क्विंटल धान नजर आया। करीब 1200 क्विंटल धान का कोई हिसाब नहीं मिल रहा था। इस धान की कीमत लगभग 25 लाख बतायी जा रही है। वहां मौजूद किसानों का कहना था लैम्पस में धान खरीदा ही नहीं गया है। बस फर्जी तरीके से किसानों का नाम भेजा गया है। आधी रकम भी निकाल ली। मंशा यह होगी कि बाद में धान खरीद कर भेज दिया जाएगा। लेकिन इससे पहले मामला पकड़ में आ गया।
कुछ लोगों का कहना है कि लैम्पस सचिव ने खुले बाजार में धान बेच दिया है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले पर से पर्दा उठ पाएगा। इस संबंध में सदर एसडीओ हेमंत सती ने बताया कि बरहेट के कुछ किसानों को धान का भुगतान नहीं हुआ है। इन किसानों ने बरहेट दक्षिणी लैम्पस में धान दिया था। किसानों ने उपायुक्त से शिकायत की कि उनका भुगतान नहीं हुआ है। तहकीकात करने पर पता चला कि धान मिल में नहीं पहुंचने के कारण भुगतान नहीं हुआ। धान मिल में क्यों नहीं गया इसकी जांच की जा रही है।
रिपोर्ट : अमन


















