Delhi-छठी जेपीएससी मामले में जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस सीटी रवि कुमार की खंडपीठ में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. मामले में लगातार 2 घंटे बहस चली. बाहर किए गए अभ्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल एवं वरिष्ठ अधिवक्ता पीएस पटवालिया ने पक्ष रखा.
वरिष्ठ अधिवक्ता पीएस पटवालिया ने पक्ष रखते हुए जेपीएससी के द्वारा रिवाइज रिजल्ट के मार्किंग पेटर्न को सही ठहराया, जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि जेपीएससी ने कई बार अपना स्टैंड बदला है. इसलिए पेपर1 का अंक फाइनल मेरिट लिस्ट में नहीं जोड़ा जा सकता. इसके लिए कई बाध्यता है, वही पूरी प्रक्रिया को रद्द करने की मांग कर रहे प्रार्थी दिलीप कुमार सिंह की ओर से अधिवक्ता सुभासिक रसिक सोरेन ने अपना पक्ष रखा. सुभासिक रसिक ने अदालत को बताया कि मार्किंग पैटर्न में बदलाव मुख्य परीक्षा से ही शुरू किया जाना चाहिए था, साथ ही इस संबंध में अदालत के सामने कोई सरकारी सर्कुलर नहीं पेश किया गया है. सुनवाई के बाद अदालत ने कल तक का समय दिया है. इधर राज्य सरकार के द्वारा झारखंड हाईकोर्ट के खंडपीठ के फैसले पर सहमति जताई गई और रिवाइज रिजल्ट को सही ठहराया गया. इस मामले में कल दोपहर 2:00 बजे से फिर बहस शुरू होगी. कल संभवत: फाइनल बहस हो सकती


















