Jharkhand Liquor Scam: झारखंड शराब घोटाले में ACB का बड़ा एक्शन, कंपनी निदेशकों के बाद अब इन अधिकारियों से होगी पूछताछ

Jharkhand Liquor Scam: एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने झारखंड के हाई-प्रोफाइल शराब घोटाले की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। उपलब्ध सबूतों, विभागीय दस्तावेजों और अब तक दर्ज बयानों के विश्लेषण के बाद जांच के अगले चरण पर कार्रवाई शुरू हो गई है। ACB की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, तत्कालीन आबकारी आयुक्त (मुख्यालय) राकेश कुमार और तत्कालीन सहायक आबकारी आयुक्त (मुख्यालय) मनोज कुमार के विस्तृत बयान दर्ज किए गए हैं। पूछताछ और विभागीय रिकॉर्ड की जांच के दौरान सामने आए विभिन्न बिंदुओं की अब पुष्टि की जा रही है।

समन के बावजूद कंपनी के निदेशक पेश नहीं हुए

जांच को आगे बढ़ाते हुए, ACB ने कई निजी कंपनियों के निदेशकों और प्रतिनिधियों को समन जारी कर 10 अगस्त, 2026 को पूछताछ के लिए रांची कार्यालय में पेश होने को कहा था। समन पाने वालों में फ्लोरेंस हेल्थ केयर एंड रिसर्च सेंटर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक जतिन सहाय और A2Z इंफ्रा सर्विसेज लिमिटेड के निदेशक अरुण गौर, मनोज तिवारी और विकास अग्रवाल शामिल थे। ACB के अनुसार, इनमें से कोई भी व्यक्ति निर्धारित तिथि पर पूछताछ के लिए ब्यूरो के कार्यालय में पेश नहीं हुआ।

आबकारी विभाग के तीन अधिकारी 11 अगस्त को पेश होंगे

जांच की कड़ियों को जोड़ने के लिए, ACB ने अब उन तीन अधिकारियों को 11 अगस्त, 2026 को पेश होने के लिए समन भेजा है जो उस समय आबकारी विभाग में कार्यरत थे। इनमें तत्कालीन सहायक अनुभाग अधिकारी मनोज कुमार बरनवाल और मंगल प्रसाद सहाय, तथा तत्कालीन आबकारी निरीक्षक मीनाश्री प्रसाद शामिल हैं। इन अधिकारियों से विभागीय फाइलों, नोट-शीट, विभिन्न मंजूरियों और जांच के दौरान सामने आए सबूतों के बारे में पूछताछ की जाएगी। ACB का उद्देश्य उपलब्ध दस्तावेजों और बयानों के आधार पर तथ्यों की क्रॉस-वेरिफिकेशन (पुष्टि) करना है।

बयानों और दस्तावेजों की क्रॉस-वेरिफिकेशन

ACB के अनुसार, जांच के दौरान दर्ज हर बयान की क्रॉस-वेरिफिकेशन उपलब्ध विभागीय रिकॉर्ड, डिजिटल सबूतों और अन्य गवाहों के बयानों से की जा रही है। जांच एजेंसी का कहना है कि जांच से सामने आ रहे नए बिंदुओं की पुष्टि की जा रही है। इसके आधार पर, मामले से जुड़े तथ्यों और घटनाओं के क्रम को स्पष्ट करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

ACB सबूतों पर आधारित जांच पर ज़ोर दे रही है

एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कहा है कि वह निष्पक्ष और सबूतों पर आधारित तरीके से जांच कर रही है। एजेंसी के अनुसार, उपलब्ध दस्तावेज़ों और बयानों की वैज्ञानिक तरीकों से जांच की जा रही है। ACB का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया के अनुसार जांच को आगे बढ़ाने और मामले को तार्किक नतीजे तक पहुँचाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ और सबूतों की पुष्टि के आधार पर आने वाले दिनों में जांच में आगे के कदम उठाए जा सकते हैं।

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