रांची : सीएम आवास से 3 बसों से निकले महागठबंधन के विधायक .
झारखंड में जारी राजनीतिक संकट के बीच महागठबंधन के विधायक सीएम आवास से 3 बसों से निकल पड़े हैं.
एक नीली और दूसरी पीली बस है, जिसमें सभी विधायक सवार को होकर निकल गये हैं.
इस बस में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी हैं. वे विधायकों के साथ सेल्फी लेते हुए दिखाई दे रहे हैं.
वहीं सेल्फी के दौरान विधायकों ने हाथ दिखाते हुए नजर आए.

सीएम आवास से 3 बसों से निकले महागठबंधन के विधायक – छत्तीसगढ़ में किया जाएगा शिफ्ट
उन्हें सुरक्षित रिसॉर्ट में ले जाया गया है. इसके साथ ही सभी विधायकों का फोन ऑफ कराया गया है.
इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे विधायकों को छत्तीसगढ़ में शिफ्ट किया जाएगा.
दरअसल जब विधायक मीटिंग में शामिल होने पहुंचे थे तो
उनकी गाड़ियों में बैग और अन्य सामान भी दिखाई दिया था.
इसीलिए संभावना जताई जा रही थी कि झारखंड के यूपीए विधायकों को प्रदेश से
बाहर कहीं भी भेजा जा सकता है, इनमें सबसे ज्यादा अटकलें छत्तीगढ़ भेजने की लगाई जा रही हैं.
छत्तीसगढ़ को लेकर इसलिए अटकलें लगाई जा रही हैं क्योंकि
विधायकों को ऐसे प्रदेश में शिफ्ट किया जा सकता है, जहां यूपीए की मजबूत सरकार है.
सीएम आवास से 3 बसों से निकले महागठबंधन के विधायक – गाड़ी में देखे गये लगेज
इससे पहले विधायक दीपिका पांडे सिंह, रामदास सोरेन, रामचंद्र सिंह
सहित कई विधायकों की गाड़ियों में सूटकेस दिखा,
लेकिन इनलोगों ने इन सभी बातों को सीरे से खारिज कर दिया.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यूपीए के एमएलए छत्तीसगढ़ जा सकते हैं.
गाड़ी में देखे गये लगेज पर कांग्रेस विधायक दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि
उनकी गाड़ियों में सूटकेस रखा जाता है. इसे किसी और रूप में लेने की जरूरत नहीं है.
क्योंकि हमलोगों का क्षेत्र बड़ा है.
चुनाव आयोग ने जांच के बाद राज्यपाल को भेजी रिपोर्ट
दरअसल हेमंत सोरेन के खनन पट्टे के मामले में चुनाव आयोग ने जांच के बाद
अपनी रिपोर्ट झारखंड के राज्यपाल को भेज दी है.
इसमें मुख्यमंत्री हेमंत को विधायक पद के लिए अयोग्य ठहराया है. यानी उनकी विधायकी रद्द करने की सिफारिश की है. इसी बीच सीएम हेमंत सोरेन ने भी अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यह आदिवासी का बेटा है. इनकी चाल से हमारा रास्ता न कभी रुका है, न हम लोग कभी इन लोगों से डरे हैं.
आदिवासियों के डीएनए में डर और भय के लिए कोई जगह ही नहीं
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने बहुत पहले ही हमारे मन से डर-भय को निकाल दिया था. हम आदिवासियों के डीएनए में डर और भय के लिए कोई जगह ही नहीं है. साथ ही सीएम सोरेन ने कहा कि ‘‘शैतानी ताकतें’’ लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रही हैं. लेकिन वह अपने खून की आखिरी बूंद तक लड़ेंगे.
सीएम हेमंत पर क्या है मामला
हेमंत सोरेन को रांची जिले के अनगड़ा ब्लॉक में 0.88 एकड़ ज़मीन का खनन पट्टा मिला था. दस्तावेजों के मुताबिक 28 मई 2021 को हेमंत सोरेन ने आवेदन दिया और उन्हें 15 जून 2021 को मंजूरी मिल गई थी. इसके बाद 9 सितंबर को पर्यावरण विभाग से मंजूरी मांगी गई जो 22 सितंबर को मिल गई. 11 फरवरी 2022 को बीजेपी ने राज्यपाल से मिलकर शिकायत की कि ये लाभ के पद का मामला बनता है और सीएम खुद के नाम से खनन पट्टा नहीं ले सकते. इसके बाद हेमंत सोरेन ने 11 फरवरी 2022 को लीज सरेंडर करके खुद को अलग कर लिया.
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