गजलीटांड़ कोलियरी खान हादसा: 27वीं बरसी पर सीएमडी, डीटीओपी, महाप्रबंधक सहित शहीद के परिजनों ने दी श्रद्धांजलि
बाघमारा (धनबाद) : बीसीसीएल एरिया 4 के गजलीटांड़ कोलियरी खान हादसे की बरसी पर
शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई. गजलीटांड़ कोलियरी का 6 नम्बर चानक खदान जो
27 वर्ष पूर्व आज ही के दिन एक ऐसी घटना घटी जो इतिहास के पन्नों पर
काली रात के रूप में देखा जाता है. आज ही के दिन खदान के समीप कतरी नदी का
पानी इस चानक खदान में समा जाने से यहां कार्यरत सभी 64 मजदूर डूब गए.

शहीद मजदूरों को किया गया याद
इन्ही सभी शहीद मजदूरों की याद में गजलीटांड़ में स्थापित शहीद स्तम्भ पर हर वर्ष की भांति
इस वर्ष भी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. इस आयोजन में बतौर
मुख्य अतिथि बीसीसीएल सीएमडी समीरन दत्ता, मजदूर यूनियन प्रतिनिधि सह
मासस केंद्रीय महामंत्री हलधर महतो, स्थानीय समाजसेवी विजय झा सहित कई लोगों ने
शहीद स्तम्भ पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी.
खान हादसे: 27 वर्ष बाद भी परिजनों के नहीं सूखे आंसू
वहीं शहीद मजदूरों के परिजनों ने भी विधि-विधान के साथ आत्मा की शांति के लिए पूजा अर्चना की. इस हृदय विदारक घटना को बीते 27 वर्ष बीत गए, पर उनके परिजनों के आंसू अबतक नहीं सूखे. इसका एक मात्र कारण है की शहीद मजदूरों के परिजनों के साथ बीसीसीएल प्रबंधन द्वारा की गई वादा खिलाफी. शहीद मजदूर स्व. हरखू पासवान की पत्नी ने रोते-रोते अपनी व्यथा बताई और कहा कि घटना के बाद नियोजन तो मिला पर प्रबन्धन द्वारा स्थायी आवास और सम्मानजनक पेंशन भुगतान का वादा अभी तक नहीं मिला.

शहीद के परिजनों के समस्याओं का हो निदान- विजय झा
इस बावत स्थानीय समाजसेवी प्रखर अधिवक्ता विजय झा ने यह कहा कि इस देश को ऊर्जा प्रदान करने में शहीद मजदूरों का अहम योगदान है और आज इनके परिजनों के आंखों में आंसू शर्म की बात है. इसलिए बीसीसीएल के उच्चाधिकारियों से यह आग्रह करता हूं कि इनके समस्याओं का निदान किया जाय.

खान हादसे: बीसीसीएल सीएमडी ने किया वृक्षारोपण
श्रद्धांजलि सभा मे आये बीसीसीएल सीएमडी समीरण दत्ता ने शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद शहीद स्तम्भ परिसर में वृक्षारोपण किया. शहीद मजदूरों की आत्मा की शान्ति के लिए रामायण पाठ और इस्लामिक ग्रंथों का पाठ का आयोजन भी किया गया, जिसमे सीएमडी ने भी भाग लिया.
सीएमडी ने सुरक्षा में चूक मानते हुए इस घटना के प्रति दुख प्रकट किया. शहीद मजदूरों के परिजनों की समस्याओं के मुद्दे पर सवाल पर कहा कि जिनके साथ यह समस्या है उनके परिजन मुझसे मिलें, मैं जरूर उनका निदान करूंगा.
रिपोर्ट: सूरजदेव मांझी


















