बिना नक्शे के निर्मित भवनों को नियमित करेगी सरकार?

Ranchi- राज्यसभा सांसद और फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की पॉलिटिकल को-ऑर्डिनेशन कमिटी की चेयरपर्सन डॉ महुआ माजी के नेतृत्व में एफआईसीसीआई के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर राज्य में बिना नक्शे के निर्मित भवनों को नियमित करने का आग्रह किया है. इस सुझाव पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण इलाकों के साथ शहरों के विकास पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है.

झारखण्ड चैंबर ऑफ कॉमर्स ने उठायी यह मांग

राज्य सभा सांसद महुआ माजी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बताया कि कई इमारतों में बनी हुई दुकानें भवन मालिकों की आजीविका का मुख्य स्त्रोत है. यहां संचालित दुकानों से दुकान में कार्यरत कर्मचारी, श्रमिक एवं महिलाओं की आजीविका भी जुड़ी हुई हैं. राज्य सरकार को राजस्व की भी प्राप्ति होती है. वहीं, राज्य में लाखों की संख्या में अवस्थित आवासीय भवन मालिकों को राहत मिलेगी. उक्त कठिनाईयों को देखते हुए ही देश के विभिन्न राज्यों में व्यवहारिक पॉलिसी के तहत अवैध संरचनाओं को रेगुलराइज किया गया है. यदि राज्य सरकार द्वारा भी इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप किया जाय तो निश्चित ही इस समस्या का स्थाई समाधान संभव है.

पेड़ लगाने की नीति को प्रचार प्रसार करेगी झारखंड चैम्बर

इस मौके पर झारखंड चैम्बर ने मुख्यमंत्री से कहा कि

सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और शहरों को हरा -भरा रखने के लिए

एक पेड़ लगाने पर 5 यूनिट बिजली फ्री देने की जो नीति बनाई है,

उसके प्रचार -प्रसार में झारखंड चैम्बर्स पूरा सहयोग करेगी.

चैम्बर द्वारा इसे एक अभियान के रूप में चला जाएगा.

इस मौके पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री विनय कुमार चौबे

और झारखंड चैंबर्स के अध्यक्ष किशोर मंत्री समेत अन्य सदस्य मौजूद थे.

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