मुंगेर में नहीं है एक भी उसना राइस मिल, कैसे तैयार होगा चावल?

बिहार सरकार के एक आदेश से संकट में पैक्स

मुंगेर : जिला में एक भी उसना राइस मिल नहीं है. पैक्स उसना चावल के लिए

किस मिल को धान देगा, ये एक बड़ा सवाल है. जिला में पांच सरकारी चावल मिल में से दो चालू है,

जिसमें अरवा चावल तैयार होता है. उसना चावल का एक मिल अभी तैयार ही हो रहा है.

जिले के 55 पैक्स और एक व्यापार मंडल को किसानों से धान अधिप्राप्ति के लिए

सहकारिता विभाग द्वारा चयनित किया गया है.

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धान की खरीदारी के लिए 55 पैक्स और एक व्यापार मंडल का चयन

सहकारिता विभाग द्वारा इस वर्ष किसानों से सरकारी दर पर धान की खरीदारी के लिए

55 पैक्स और 01 व्यापार मंडल का चयन किया गया है. किसानों से धान खरीद का

सरकारी दर इस वर्ष सामान्य धान के लिए 2040 रुपया तथा ग्रेड वन धान के लिए

2060 रुपया प्रति क्विंटल दर निर्धारित किया गया है.

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उसना राइस मिल : धान खरीदारी का लक्ष्य घटा

इस वर्ष धान की उपज कम होने के कारण धान खरीदारी का लक्ष्य 50 हजार मिट्रिक टन से

घटाकर 29571 एमटी किया गया है. परंतु इस वर्ष किसानों से धान की अधिप्राप्ति करने वाले

पैक्स को मिलर से उसना चावल तैयार करवा कर एसएफसी को वापस देना है.

इसके पहले मिलर अरवा चावल तैयार कर वापस करते थे.

इस वर्ष स्पष्ट निर्देश है कि उसना चावल ही मिलर से लेना है.

परंतु जिले में उसना चावल तैयार करने का एक भी मिल नहीं है.

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21 राइस मिल में से 19 चालू

पूर्व से जिले में निजी और सहकारिता विभाग से संबद्ध 21 राइस मिल संचालित हैं, जिनमें से 19 चालू अवस्था में है. पर इसमें से सभी अरवा राइस मिल है. दोनों राइस मिल अरवा चावल तैयार करता हैं. खड़गपुर में उसना चावल का एक मिल तैयार होने की प्रक्रिया में है.

किस मिल से उसना चावल लेंगे पैक्स ?

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल कि आखिर सरकारी निर्देश के अनुसार धान खरीद के बदले पैक्स किस मिल से उसना चावल की अधिप्राप्ति करेंगे. जिसको लेकर पैक्स अध्यक्षों के सामने यह समस्या उत्पन्न हो गई की आखिर किस प्रकार वो उसना चावल बनवाए. इसको को लेकर पैक्स अध्यक्षों की बैठक भी हुई. जिसमें सरकार को चिट्ठी भेज अनुरोध करने की तैयारी की जा रही है.

उसना राइस मिल : पैक्स को किया जाएगा टैग

मिल द्वारा उसना चावल लेने की बाध्यता को देखते हुए जिले में उसना चावल के नए खुलने वाले दो राइस मिल की मिलिंग क्षमता के अनुरूप उससे पैक्स को टैग किया जाएगा. साथ ही सहकारिता विभाग पड़ोसी जिलों के राइस मिलों से पैक्सों को टैग करने पर विचार कर रहा है. पहले जिला में खुल रहे सहकारी संस्था से संबद्ध राइस मिल को उसना चावल तैयार करने के लिए प्राथमिकता दी जाएगी. दो नए राइस मिल की मीलिंग क्षमता के अनुरूप पैक्सों को नए राइस मिल से टैग किया जाएगा. शेष पैक्सों को पड़ोसी जिला के उसना चावल तैयार करने वाले राइस मिल से टैग किया जाएगा.

रिपोर्ट: अमृतेश सिन्हा

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