डिजिटल डेस्क : Waqf Amendment Bill के खिलाफ AIMPLB का जंतर-मंतर पर महाधरना। Waqf Amendment Bill 2024 के खिलाफ AIMPLB (ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड) के बैनर तले दिल्ली के जंतर-मंतर पर महाधरना शुरू हो गया है।
इस महाधरना प्रदर्शन करते हुए AIMPLB के लोग और अन्य लोग शामिल हुए हैं। प्रदर्शन में जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी, AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी, टीएससी सांसद अबू ताहिर, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के सांसद ईटी बसीर, CPI महासचिव सय्यद अजीज पाशा और CPIML के सांसद राजा राम सिंह भी पहुंचे हैं।
AIMPLB : बिल वापस ले सरकार…
AIMPLB (ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड) समेत अन्य मुस्लिम संगठनों ने जंतर-मंतर पर वक्फ बिल के खिलाफ सड़कों पर उतर गए हैं। AIMPLB (ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड) ने कहा कि – ‘…वक्फ संशोधन बिल भारत के धर्म निरपेक्ष लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ है।
…भारतीय संविधान का स्वरूप 12 से 35 में मौजूद बुनियादी अधिकारों का उल्लंघन करता है। साथ ही यह बिल 25 करोड़ से ज्यादा अल्पसंखियांक नागरिकों की भावनाओं को कष्ट देने के बराबर है। …अर्थात हम इसे पूरी तरह अस्वीकार करते हैं और सरकार से तुरंत वापस लेने की मांग करते हैं।’
प्रदर्शन में शामिल AIMPLB के प्रवक्ता एसक्यूआर इलियास ने किसान कनूनों का जिक्र किया। और सक्यूआर इलियास ने दावा किया कि – ‘…किसानों के कानून वाले बिल की तरह इस बिल को वापस करवाएंगे। …अभी तो ये अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है।
…जिस तरह किसानों ने केंद्र सरकार को मजबूर किया और कानून वापस करवाए उसी तरह हम कोशिश करेंगे कि ये बिल पास ही ना हो पाए। प्रशासन हमारा सहयोग करे।
…हुकूमत अगर इतनी बुजदिल हो कि बात ही ना सुन सके तो ऐसी हुकूमत को सरकार चलाने का हक नहीं है’।

आजमी : हिन्दुस्तान किसी के बाप की जागीर नहीं…
AIMPLB (ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड) के उपाध्यक्ष उबेदुल्लाह आजमी ने इस मौके पर कहा कि –‘…हमारे सभी मजहबी मामलों की हिफाजत की जिम्मेदारी भारत संविधान देता है. जैसे हमारे लिए नमाज और रोजा जरूरी है वैसे ही वक्फ की हिफाजत भी जरूरी है।
…सरकार को चाहिए था कि वह वक्फ की जमीन को खुर्द-बुर्द करने वालों के खिलाफ एक्शन लेती, लेकिन सरकार ने वक्फ पर कब्जा करने के लिए ही कानून बना दिया। भारत को हमने ताबेदारी की बुनियाद पर कबूल नहीं किया बल्कि वफादारी की बुनियाद पर किया है।
…हिन्दुस्तान किसी के बाप की जागीर नहीं है। सबकुछ हड़प कर जाओगे और मिल्लत (समाज) खामोश बैठी रहेगी ऐसा नहीं हो सकता। …1200 साल से इस मुल्क की खिदमत कर रहे हैं। हमने इस देश के लिए कुर्बानियां दी हैं।
…इंडिया गेट पर सबसे ज्यादा मुसलमानों की कुर्बानी लहू चमक रहा है। अभी तो ये अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है। वक्फ की हिफाजत के लिए बोर्ड कमर कसकर उतरेगा। संविधान की सुरक्षा के लिए हर कुर्बानी के लिए तैयार हैं।
…ये सिर्फ वक्फ का मामला नहीं है। …होली पर मस्जिदों पर तिरपाल डालने का वाकया हुआ है। …हिंदुस्तान की तस्वीर पर कालिख पोतने वाली काली हुकूमत ने मस्जिदों पर तिरपाल डलवाया। …इससे पहले जुमा के दिन कई बार होली आई है।
…आजाद हिंदुस्तान में इतनी नफरत नहीं कभी देखी। …आप हुकूमत कर रहे हो और नफरत की चिंगारी भड़का रहे हो। …हिंदू का ‘ह’ और मुसलमान का ‘म’ निकलकर ‘हम’ बनता है, जिसने मुल्क को आजादी दिलाई।’

मौलाना शहाबुद्दीन बोले – देश में मुसलमान पूरी तरह सुरक्षित…
इस बीच ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि –‘…AIMPLB (ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड) के जिम्मेदार कह रहे हैं कि देश में मुसलमानों को खतरा है, सुरक्षित नहीं हैं। …ये सरासर गलत और गुमराह करने वाली बातें हैं। देश में मुसलमान पूरी तरह सुरक्षित है।
…देश में मुसलमान अपने धार्मिक त्योहार, नमाज, रोजा, हज, जकात, जुलूस और उर्स आदि कार्यक्रम आजादी से मनाता है। …कोई भी व्यक्ति या हुकूमत इन धार्मिक कार्यक्रमों में कोई भी बाधा नहीं डालती।
…मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड वक्फ संशोधन बिल के विरोध में जंतर-मंतर दिल्ली पर धरना प्रदर्शन करने जा रहा है। धरना प्रदर्शन करना, अपनी आवाज बुलंद करना हर व्यक्ति को संविधान ने यह अधिकार दिए हैं। मगर रमजान का महीना खुदा की इबादत के लिए है, धरना प्रदर्शन के लिए नहीं।
…साल के 12 महीनों में रमजान के माह में मुसलमान पवित्रता के साथ रोजा रखता है। नमाज पढ़ता है, कुरआन शरीफ की तिलावत करता है।
…ऐसी स्थिति में रमजान शरीफ के दिनों में धरना-प्रदर्शन का आयोजन करना, लोगों को धार्मिक कार्य से रोककर राजनीतिक काम में लगाना है। …साल के 11 महीनों में किसी दिन भी धरना प्रदर्शन किया जा सकता था। …रमजान के महीने में ही क्यों आयोजन किया गया?’


















