रांची: सातवीं से दसवीं जेपीएससी पीटी परीक्षा मामले में झारखंड स्टेट स्टूडेंट यूनियन ने मुख्यमंत्री न्याय मार्च का आयोजन किया है. जिसे अखिल झारखंड छात्र संघ ने अपना समर्थन दिया है. आजसू के प्रदेश अध्यक्ष गौतम सिंह ने जेपीएससी पीटी परीक्षा को रद्द करने के साथ परीक्षा में बरती गयी अनियमितता की निष्पक्ष जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि 15 दिसंबर को आहूत मुख्यमंत्री न्याय मार्च में हम सभी आंदोलकारी अभ्यर्थियों के साथ हैं और अभ्यर्थियों के हर मांग का समर्थन करते हैं.
उन्होंने जेपीएससी को भ्रष्टाचार का अखाड़ा बताते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के संरक्षण में जेपीएससी भ्रष्टाचार का अखाड़ा बन चुका है. गलतियों पर लीपापोती करने का प्रयास किया जा रहा है. लेकिन कई ऐसे साक्ष्य सामने आए हैं, जिससे वर्तमान राज्य सरकार और जेपीएससी के अधिकारियों का असल चेहरा और चरित्र उजागर हुआ है. जेपीएससी अभ्यर्थियों ने जब पोल खोलना शुरू किया, तब सरकार ने लाठी-डंडे के बल पर उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की. लेकिन तानाशाह सरकार के सभी प्रयास विफल रहे. इस सरकार के शासन में वाजिब मांग करने वालों पर लाठियां चलायी जाती हैं.
गौतम ने संगठन की ओर से कहा कि आजसू छात्र संघ का मकसद सिर्फ पीटी परीक्षा रद्द कराना नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसी कड़बड़ियां न हो, ऐसा प्रयास किया जा रहा है. क्योंकि ऐसी गड़बड़ियों से अभ्यर्थियों पर आर्थिक और मानसिक बोझ बढ़ता है. साथ ही राज्य के युवाओं को सरकारी शासन व्यवस्था में भागीदार बनने से भी वंचित किया जा रहा है. यह राज्य के युवाओं के साथ-साथ झारखंड और झारखंडवासियों के साथ खिलवाड़ है.
गौतम ने कहा कि आजसू छात्र संघ सभी आंदोलनरत साथियों के संघर्ष एवं समर्पण को नमन करती है. इस आंदोलन को मुकाम तक पहुँचाने के लिए आजसू कटिबद्ध है. इसी उद्देश्य के साथ 15 दिसंबर तक होने वाले मुख्यमंत्री न्याय मार्च में हजारों की संख्या में छात्र नेता शामिल होंगे.
रिपोर्ट- शाहनवाज

















