Angan Ka Milan Bihar,पटना: बिहार में आंगनबाड़ी सेवाओं को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से राज्यव्यापी ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को फुलवारीशरीफ उच्च विद्यालय परिसर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-137 में दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। राज्य के सभी 1,15,064 आंगनबाड़ी केंद्रों में इस कार्यक्रम के तहत गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान का हिस्सा है। कार्यक्रम का मुख्य फोकस बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा को बेहतर बनाने के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों से लाभार्थियों का जुड़ाव बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने केंद्र पर बच्चों, सेविका और लाभार्थियों से बातचीत कर वहां उपलब्ध सुविधाओं और संचालित गतिविधियों की जानकारी ली।
बच्चों से संवाद कर सुविधाओं की ली जानकारी
फुलवारीशरीफ के आंगनबाड़ी केंद्र में मुख्यमंत्री ने बच्चों से उनकी पढ़ाई और रोजाना की गतिविधियों के बारे में बातचीत की। बच्चों ने कविता प्रस्तुत की और अपना परिचय भी दिया। मुख्यमंत्री ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और उनके बीच मिठाइयां वितरित कीं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग और समेकित बाल विकास सेवाएं निदेशालय की ओर से लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लाभार्थियों को सांकेतिक चेक दिए गए। कार्यक्रम में महिलाओं की गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया गया। लाभार्थियों के बीच पौष्टिक किट वितरित की गई। मुख्यमंत्री ने ‘सुपोषित बचपन की रसोई’ पुस्तिका का विमोचन भी किया।
आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका और आशा दीदी सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका और आशा दीदी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों के कामकाज और सुविधाओं को लेकर लाभार्थियों से सीधे सुझाव भी मांगे। लाभार्थियों ने बताया कि सरकारी योजनाओं से मिलने वाली आर्थिक सहायता का उपयोग पोषण, खान-पान और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में किया जा रहा है। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिलने वाली सेवाओं के बारे में भी अपने अनुभव साझा किए। लाभार्थियों के मुताबिक केंद्रों पर बच्चों का टीकाकरण, वजन और लंबाई की निगरानी तथा पोषण से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। एक लाभार्थी ने बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर खिलौनों की सुविधा को और बेहतर करने का सुझाव दिया।
बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक भोजन, फल और दूध उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों को नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ना और उन्हें पर्याप्त पोषण देना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के मजबूत होने से राज्य और देश मजबूत होगा। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों से गांव के सभी छोटे बच्चों को केंद्रों से जोड़ने का प्रयास करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को और बेहतर सुविधाएं किस तरह उपलब्ध कराई जा सकती हैं, इसे लेकर स्थानीय लोग और लाभार्थी अपने सुझाव सरकार तक पहुंचाएं। सरकार आवश्यक सुधार के लिए कदम उठाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रसव पूर्व और प्रसव उपरांत माताओं तथा बच्चों को बेहतर सुविधाएं देने पर भी जोर दिया। जिन आंगनबाड़ी केंद्रों के पास अपना भवन नहीं है, वहां भवन निर्माण की दिशा में प्रयास करने की बात कही।
Angan Ka Milan Bihar: 1.15 लाख से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़ी पहल
बिहार में करीब 1,15,000 आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका बच्चों और परिवारों से जुड़ी सेवाओं में काम कर रही हैं। ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम के माध्यम से इन केंद्रों को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा के साथ समुदाय से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कर्मियों को सम्मानित करने और बच्चों के लिए मनोरंजक गतिविधियां आयोजित करने पर भी जोर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जच्चा-बच्चा दोनों को स्वस्थ रखना और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा एवं पोषण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास जारी रहेगा। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता, सांसद रविशंकर प्रसाद, विधायक श्याम रजक, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, समाज कल्याण विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल, समाज कल्याण विभाग की निदेशक डॉ. प्रीति, पटना जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा सहित अन्य अधिकारी, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, बच्चे और अभिभावक मौजूद रहे।

















