बहराइच में बुलडोजर कार्रवाई पर 15 दिनों की रोक, नप गए एएसपी, सीएम योगी सख्त

डिजीटल डेस्क : बहराइच हिंसा में बुलडोजर कार्रवाई पर 15 दिनों की रोक, नप गए एएसपी, सीएम योगी सख्त। गत दिनों यूपी के बहराइच में प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़, बलवा और हत्या के मामले में सीएम योगी का एक्शन जारी है। वह इस मामले में लगातार सख्त रुख अपनाए हुए हैं।

सोमवार को सीएम योगी के निर्देश पर उस एएसपी को इस मामले में तत्काल नाप दिया गया जिनके इलाके में मूल हिंसा की भड़की और वह काबू कर पाने में नाकाम रहे थे। हटाए गए एएसपी के स्थान पर तत्काल नई तैनाती भी कर दी गई है।

इस बीच, हिंसा के लिए जिम्मेदार मिले 23 अतिक्रमित घरों को ढहाने के लिए होने वाली बुल़डोजर की कार्रवाई पर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने फिलहाल 15 दिनों की रोक लगाते हुए 72 घंटे में सरकार का पक्ष जानना चाहा है।

बहराइच में नए एएसपी बनाए गए दुर्गा प्रसाद तिवारी

बहराइच हिंसा के मामले में सीएम योगी ने एएसपी ग्रामीण पवित्र मोहन त्रिपाठी को हटाते हुए पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। उनकी जगह एएसपी दुर्गा प्रसाद तिवारी को बहराइच में नई तैनाती दी गई है। एएसपी दुर्गा प्रसाद तिवारी को तैनाती देते हुए तत्काल प्रभाव से जॉइन करने को कहा गया है।

पवित्र मोहन त्रिपाठी एएसपी ग्रामीण के पद पर थे और हरदी थाना क्षेत्र भी इन्हीं के अंडर में आता था। हिंसा के बाद एएसपी मौके पर स्थिति को भांपने में नाकाम रहे और इतना बड़ा बवाल हो गया।

गत दिनों हुई बहराइच हिंसा के बाद से लगातार सीएम योगी एक्शन में हैं। वह इस संबंध में कोई बयान भले नहीं दे रहे हैं लेकिन मामले से संबंधित सभी जिम्मेदारों पर एक-एक कार्रवाई का क्रम जारी है।

हिंसा के आरोपियों को पकड़ने के लिए यूपी एसटीएफ को लगाया गया है। हिंसा के बाद बीते दिनों नेपाल सीमा से पुलिस ने 5 आरोपियों को एनकाउंटर में गिरफ्तार किया गया था। उनमें से रामगोपाल मिश्रा की हत्या करने वाला मुख्य आरोपी मोहम्मद सरफराज भी शामिल था।

वहीं चार अन्य आरोपियों में मोहम्मद तालीम, अब्दुल हमीद, मोहम्मद फनीह और अन्य था। बता दें कि मोहम्मद सरफराज और मोहम्मद तालीम पुलिस एनकाउंटर के दौरान पैर में गोली लगने से घायल भी हो गए थे।

बहराइच हिंसा के दौरान की फोटो
बहराइच हिंसा के दौरान की फोटो

बहराइच में बुलडोजर कार्रवाई पर 15 दिनों की रोक, 23 घरों पर लगे निशान

बहराइच में हिंसा के थमने और आरोपियों के आरंभिक धरपकड़ के दूसरे ही दिन पुलिस और प्रशासन की टीम महसी इलाके महराजगंज बाजार पहुंची। वहां अतिक्रमण कर बनाए गए घरों पर नोटिस चस्पा किया और उन्हें तीन दिन की मोहलत देते हुए कहा कि अगर इन तीन दिनों में आप लोगों ने अवैध अतिक्रमण नहीं हटाया तो प्रशासन बुलडोजर चलाएगा।

प्रशासन ने कुल 23 घरों पर लाल निशान लगाए जिनमें से 20 घर मुस्लिमों के थे तो वहीं 3 घर हिंदुओं के थे। 20 मुस्लिम परिवार वालों के घरों में रामगोपाल मिश्रा की हत्या के आरोपी मोहम्मद सरफराज का भी घर शामिल है।

इस मामले में दिल्ली की एक संस्था ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में मुख्य अभियुक्त की बेटी की ओर से वाद दायर किया है।

मामले की सुनवाई करते हुए लखनऊ हाईकोर्ट ने सरकार से 3 दिन में पक्ष रखने का निर्देश दिया है। वहीं बुलडोजर की कार्रवाई पर 15 दिन के लिए रोक लगा दी है।

बहराइच में चप्पे-चप्पे पर है फोर्स की तैनाती
बहराइच में चप्पे-चप्पे पर है फोर्स की तैनाती

बहराइच में चाकचौबंद सुरक्षा-व्यवस्था, चप्पे-चप्पे पर फोर्स, चौराहों पर लगाई गई बैरिकेडिंग

बहराइच में हिंसा और बवाल के बाद हालात से निपटने के लिए प्रशासन अब कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहता। यहां पूरी सतर्कता बरती जा रही है। चौक-चौराहों पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के साथ कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है।

पिकेट पर संदिग्ध वाहनों व व्यक्तियों को रोककर जांच की जा रही है। रमपुरवा चौराहा, भागवानपुर, राजी चौराहा, महसी कस्बा समेत अन्य स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाई गई है।

जिले की सीमा पर स्थित चहलारीघाट स्थित पुल के निकट भी बैरिकेडिंग के साथ सुरक्षा के इंतजाम किए गए गई। पुलिस क्षेत्राधिकारी रवि खोखर ने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बहराइच में चप्पे-चप्पे पर है फोर्स की तैनाती
बहराइच में चप्पे-चप्पे पर है फोर्स की तैनाती

बहराइच हिंसा में एकपक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाते हुए सौंपा ज्ञापन

इस बीच, राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल ने महराजगंज हिंसा में एकपक्षीय कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित पत्र भेजकर सीबीसीआईडी से जांच की मांग की गई है।

जिलाध्यक्ष मौलाना सरवर खां कासमी की अगुवाई में राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल के पदाधिकारी सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। सभी ने कहा कि जिले के महराजगंज बाजार में बीते रविवार को विसर्जन जुलूस के दौरान भड़काऊ बयान के साथ डीजे पर गाना बजाया जा रहा था। इ

सके बाद मकान से धार्मिक झंडा मकान से उतारा गया, जिसके विरोध में हिंसा हुई। दुकान और मकानों में आग लगाई गई, जिसमें पुलिस ने दोनों पक्ष पर केस दर्ज किया, लेकिन कार्रवाई सिर्फ एक पक्षीय की जा रही है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि पुलिस पर विश्वास नहीं है।

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