रांची: वित्तीय वर्ष 2024-25 का अंतिम कार्य दिवस 29 मार्च को है, और इस दिन झारखंड सरकार की ट्रेजरी से 1500 से 1700 करोड़ रुपए तक की निकासी हो सकती है। वित्त विभाग ने निर्देश दिया है कि दोपहर 3 बजे तक ही ट्रेजरी में बिल जमा किए जाएंगे, जबकि भुगतान प्रक्रिया रात 10 बजे तक पूरी की जाएगी।
बजट और खर्च की स्थिति
इस साल झारखंड का कुल बजट 1.29 लाख करोड़ रुपए था। फरवरी तक 90 हजार करोड़ रुपए खर्च हो चुके थे, जबकि मार्च महीने में 26 तारीख तक 17 हजार करोड़ रुपए की निकासी हुई थी। 29 मार्च तक कुल 2.5 हजार करोड़ रुपए निकाले जाने की संभावना है, जिससे इस वित्तीय वर्ष में कुल खर्च 1.10 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है।
धनबाद-जमशेदपुर समेत कई जिलों को मिला आवंटन
वित्तीय वर्ष के अंतिम सप्ताह में धनबाद, जमशेदपुर और अन्य जिलों को करोड़ों रुपए का आवंटन किया गया है:
पूर्वी सिंहभूम में पथ निर्माण प्रमंडल को 5.50 करोड़ और ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल को 3 करोड़ दिए गए।
धनबाद में विभिन्न विभागों को 15 करोड़ रुपए मिले, जिसमें:
पथ निर्माण प्रमंडल: 3 करोड़
विशेष प्रमंडल: 2.5 करोड़
ग्रामीण कार्य प्रमंडल: 6 करोड़
लघु सिंचाई प्रमंडल: 2 करोड़
29 मार्च को सभी ट्रेजरी में बिलों की संख्या अधिक रहने की उम्मीद है, और बैंक शाखाएं रात 11 बजे तक खुली रहेंगी।
लोन और वित्तीय प्रतिबंध
झारखंड सरकार के लिए पूरे वित्तीय वर्ष में 15 हजार करोड़ रुपए तक ऋण लेने की सीमा तय थी।
सरकार ने मार्च में 3500 करोड़ रुपए का लोन लिया, जबकि इससे पहले 7000 करोड़ रुपए का लोन वापस किया था।
वित्त विभाग ने एसी (अग्रिम) बिल से पैसे निकालने पर रोक लगाई है।
पीएल (पब्लिक लेजर) अकाउंट में 1500 करोड़ रुपए तक ही जमा किए जा सकते हैं।
31 मार्च को बंद रहेंगे सरकारी कार्यालय
इस बार 29 मार्च को ही वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन होगा क्योंकि 30 और 31 मार्च को ईद और रविवार के कारण सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे।
वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन सरकारी खजाने से बड़े पैमाने पर निकासी होगी, जिसे समय पर पूरा करने के लिए ट्रेजरी और बैंक शाखाओं को विशेष व्यवस्था के तहत देर रात तक खुला रखने का निर्णय लिया गया है।


















