एनकाउंटर के बाद भरत तिवारी का पुराना वीडियो वायरल, आखिरी इच्छा सुन भावुक हुए लोग

Bharat Tiwari Police Encounter: भोजपुर ज़िले के बिलोती गाँव के रहने वाले 30 साल के भरत तिवारी की पुलिस एनकाउंटर में मौत के बाद, उनका एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायकाफी रल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो जनवरी 2025 में रिकॉर्ड किया गया था, जिसमें भरत अपनी आखिरी इच्छाओं और समाज से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बात करते हुए दिख रहे हैं।

शरीर दान करने की इच्छा जताई थी

वीडियो में भरत तिवारी कहते हुए दिख रहे हैं कि अगर उन्हें कुछ हो जाता है, तो उनके शरीर का इस्तेमाल ज़रूरतमंद लोगों के लिए किया जाए। उन्होंने कहा था कि अगर किसी गरीब व्यक्ति को अंग की ज़रूरत हो और वह आर्थिक रूप से सक्षम न हो, तो उनके अंग दान कर दिए जाएं। सेना के प्रति सम्मान ज़ाहिर करते हुए उन्होंने भारतीय सेना को प्राथमिकता देने की बात भी कही थी।

बाढ़ पीड़ितों से किए गए वादों का ज़िक्र किया

वीडियो में भरत ने जवनिया गाँव के बाढ़ प्रभावित लोगों का ज़िक्र किया और कहा कि उनसे किए गए वादे हर हाल में पूरे किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भले ही वह खुद मौजूद न हों, लेकिन इन कामों की रफ़्तार धीमी नहीं पड़ेगी।

नेताओं और प्रशासन पर सवाल उठाए

भरत तिवारी ने वीडियो में बिहार के नेताओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की ज़रूरत है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं को लेकर अधिकारियों के काम करने के तरीके पर भी चिंता जताई थी और व्यवस्था में सुधार की अपील की थी।

एनकाउंटर से पहले जताई थी आशंका

बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह हुए एनकाउंटर से करीब 10 घंटे पहले, भरत तिवारी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया था और अपने खिलाफ कार्रवाई की आशंका जताई थी। इस पोस्ट में उन्होंने दावा किया था कि उनके खिलाफ एक स्पेशल टीम लगाने की चर्चा चल रही है। यह पोस्ट भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।

भगत सिंह के विचारों से प्रभावित थे

भरत तिवारी ने खुद को सामाजिक मुद्दों से जुड़े व्यक्ति के तौर पर बताया था। उनके करीबी लोगों के अनुसार, वह शहीद भगत सिंह के विचारों से प्रभावित थे। इससे पहले भी, सोशल मीडिया पर भगत सिंह से जुड़े पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने समाज और देश के लिए संघर्ष की बात कही थी। माँ ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से शिकायत की

भरत तिवारी की मौत के बाद, उनकी माँ आशा देवी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके बेटे ने सरेंडर कर दिया था, फिर भी पुलिस ने गोली चलाई। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जाँच और ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की माँग की है। हालाँकि, इन आरोपों और एनकाउंटर से जुड़ी परिस्थितियों की आधिकारिक जाँच और संबंधित एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही पूरी घटना की साफ़ तस्वीर सामने आएगी।

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