बोकारो एसपी ऑफिस से सरकारी राशि की अवैध निकासी मामले में मुख्य आरोपी कौशल पांडेय से पूछताछ में कई बड़े खुलासे हुए हैं। जांच का दायरा बढ़ा।
Bokaro Fraud Case रांची : बोकारो एसपी कार्यालय से सरकारी राशि की अवैध निकासी मामले में जांच तेज हो गयी है। मामले के मुख्य आरोपी कौशल पांडेय से सीआईडी की विशेष जांच टीम यानी एसआईटी ने दूसरे दिन भी गहन पूछताछ की। पूछताछ में कई अहम खुलासे सामने आये हैं, जिससे पूरे फर्जीवाड़े के नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं।
सूत्रों के अनुसार कौशल पांडेय ने एसआईटी को उन कई लोगों के नाम बताये हैं, जिनके पास उसने अवैध रूप से निकाली गयी सरकारी राशि को नकद रूप में सुरक्षित रखने के लिए दिया था। अब जांच एजेंसी इन संदिग्धों तक पहुंचने और पैसों के फ्लो को ट्रैक करने में जुट गयी है।
Bokaro Fraud Case: फर्जी दस्तावेज और मिलीभगत से निकाली गयी राशि
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि उसने यह फर्जीवाड़ा अकेले नहीं किया, बल्कि सहयोगियों के साथ मिलकर अंजाम दिया। उसने यह भी बताया कि फर्जी दस्तावेजों, सिस्टम की खामियों और अंदरूनी मिलीभगत का फायदा उठाकर सरकारी राशि की अवैध निकासी की जाती थी।
एसआईटी अब कौशल द्वारा दी गयी जानकारी के आधार पर पूरे सिंडिकेट को चिह्नित करने में लगी है। अधिकारियों का मानना है कि जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
Key Highlights
सीआईडी एसआईटी ने दूसरे दिन भी की कौशल पांडेय से पूछताछ
अवैध राशि रखने वाले कई लोगों के नाम आये सामने
फर्जी दस्तावेज और अंदरूनी मिलीभगत से हुआ घोटाला
खूंटी में 22 लाख की अवैध निकासी का नया मामला सामने आया
जांच एजेंसी पूरे सिंडिकेट को चिह्नित करने में जुटी
Bokaro Fraud Case: खूंटी में 22 लाख निकासी का नया मामला
इधर खूंटी जिले में भी सरकारी राशि की अवैध निकासी का नया मामला सामने आया है। एसआईआरबी-2 के एकाउंटेंट अजीत कुमार सिंह पर अपने खाते में 22 लाख रुपये ट्रांसफर करने का आरोप लगा है।
बुधवार को एसपी कार्यालय की टीम ने पूरे दिन दस्तावेजों और लेन-देन की गहन जांच की। प्रारंभिक जांच में वित्तीय गड़बड़ी के संकेत मिलने के बाद कार्रवाई तेज कर दी गयी है। संभावना है कि गुरुवार को तोरपा थाना में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जायेगी।
Bokaro Fraud Case: अन्य जिलों तक फैल सकती है जांच
जांच एजेंसियों का फोकस अब उन लोगों पर है, जो सीधे या परोक्ष रूप से इस अवैध निकासी नेटवर्क से जुड़े रहे हैं। इस खुलासे के बाद प्रशासनिक महकमे में भी हड़कंप मच गया है।
सूत्रों का कहना है कि जांच का दायरा आगे और बढ़ सकता है तथा अन्य जिलों से जुड़े लिंक भी सामने आने की संभावना है।
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