बिहार में 28,951 सहकारी समितियों की समीक्षा की गई। पैक्सों से खाद वितरण बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार पर जोर दिया गया।
Google पर 22Scope चुनेंBihar Cooperative Societies Review: बिहार में सहकारी समितियों को मजबूत बनाने, किसानों तक उर्वरक की उपलब्धता बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग व अन्य सेवाओं का विस्तार करने के उद्देश्य से सहकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के निदेशक (नीति) मुकेश कुमार ने 29 अक्टूबर 2026 को बिहार सरकार के सहकारिता विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में सहकारी समितियों के विस्तार और केंद्र तथा राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा हुई। इस अवसर पर बिहार के निबंधक, सहयोग समितियां रजनीश कुमार सिंह सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। समीक्षा बैठक में पैक्सों के माध्यम से खाद वितरण बढ़ाने, सहकारी समितियों में उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने और उनके प्रशिक्षण व क्षमतावर्धन पर विशेष जोर दिया गया।
पैक्सों से खाद वितरण बढ़ाने का निर्देश
समीक्षा के दौरान मुकेश कुमार ने निर्देश दिया कि प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) के माध्यम से अधिक से अधिक खाद का वितरण किया जाए। इसका उद्देश्य किसानों को स्थानीय स्तर पर उर्वरक उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें खाद प्राप्त करने में सुविधा हो। उन्होंने पैक्सों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें बहुउद्देशीय संस्थाओं के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इसके लिए पैक्सों में उद्यमशीलता बढ़ाने तथा उनकी व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार करने पर बल दिया गया। बैठक में सहकारी समितियों को प्रशिक्षण देने और उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों के अनुसार, समितियों को मजबूत बनाने से वे अपने कार्यों का बेहतर संचालन कर सकेंगी और सदस्यों को अधिक प्रभावी सेवाएं उपलब्ध करा पाएंगी।
बिहार में 28,951 सहकारी समितियां, 1.61 करोड़ से अधिक सदस्य
बैठक में बताया गया कि बिहार में कुल 28,951 सहकारी समितियां निबंधित हैं। इन समितियों के सदस्यों की संख्या 1.61 करोड़ से अधिक है। राज्य में 23 जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों और बिहार राज्य सहकारी बैंक की कुल 291 शाखाओं के माध्यम से बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। समीक्षा में पैक्सों के कम्प्यूटरीकरण, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के विस्तार और सहकारी बैंकों के माध्यम से डिजिटल बैंकिंग सेवाओं की स्थिति पर भी चर्चा हुई। बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, पहले चरण में 4,477 पैक्सों का कम्प्यूटरीकरण पूरा किया जा चुका है। वहीं, 5,828 पैक्सों में कॉमन सर्विस सेंटर काम कर रहे हैं। इन केंद्रों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में पैन कार्ड के लिए आवेदन, किसान निबंधन और बिजली बिल भुगतान जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
7,516 गोदामों का निर्माण पूरा, बैंकिंग सेवाओं का भी विस्तार
समीक्षा बैठक में विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना और राज्य सरकार की योजना के तहत गोदाम निर्माण की प्रगति पर भी चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि राज्य योजना के अंतर्गत अब तक 7,516 गोदामों का निर्माण पूरा हो चुका है। ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए 1,008 सहकारी समितियां डीएमए/बैंक मित्र के रूप में कार्य कर रही हैं। इनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। बैठक में डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने और सहकारी समितियों को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप अधिक उपयोगी बनाने के प्रयासों की भी समीक्षा की गई।
सब्जी संग्रहण केंद्रों से लेकर किसान उत्पादक संगठनों तक योजनाओं की समीक्षा
बैठक में वेजफेड के माध्यम से सब्जी उत्पादक किसानों को बेहतर बाजार और भंडारण सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़े कार्यक्रमों पर चर्चा हुई। पंचायत स्तर पर 350 सब्जी संग्रहण केंद्र स्थापित करने की योजना की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा, पैक्सों को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र और प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के रूप में विकसित करने तथा किसान उत्पादक संगठनों की व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने से संबंधित योजनाओं पर विचार किया गया। धान अधिप्राप्ति, सहकारी समितियों के प्रशिक्षण, सहकारी चीनी मिलों की स्थापना और बिहार राज्य सहकारिता नीति, 2026 के क्रियान्वयन की प्रगति भी बैठक के एजेंडे में शामिल रही। बैठक में सहकारिता विभाग के अपर निबंधक विकास कुमार बरियार और रामनरेश पांडेय, संयुक्त निबंधक कामेश्वर ठाकुर, समरेश कुमार, निकेश कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। समीक्षा का मुख्य उद्देश्य सहकारी संस्थाओं की कार्यक्षमता बढ़ाना और उनके माध्यम से किसानों तथा ग्रामीण आबादी को मिलने वाली सेवाओं का विस्तार करना रहा।
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बिहार में कुल कितनी सहकारी समितियां निबंधित हैं?
बिहार में कुल 28,951 सहकारी समितियां निबंधित हैं, जिनके सदस्यों की संख्या 1.61 करोड़ से अधिक है।
पैक्सों के कम्प्यूटरीकरण में कितनी प्रगति हुई है?
पहले चरण में 4,477 पैक्सों का कम्प्यूटरीकरण पूरा किया जा चुका है, और 5,828 पैक्सों में कॉमन सर्विस सेंटर काम कर रहे हैं।
गोदाम निर्माण योजना के तहत कितने गोदामों का निर्माण पूरा हुआ है?
राज्य योजना के अंतर्गत अब तक 7,516 गोदामों का निर्माण पूरा हो चुका है।
सहकारी समितियां ग्रामीण क्षेत्रों में कौन-कौन सी सेवाएं प्रदान कर रही हैं?
कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से पैन कार्ड के लिए आवेदन, किसान निबंधन, बिजली बिल भुगतान और बैंकिंग सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। साथ ही 1,008 सहकारी समितियां डीएमए/बैंक मित्र के रूप में काम कर रही हैं।
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