Bihar Sugar Mill Projects: बिहार में गन्ना आधारित उद्योगों के विस्तार और किसानों को स्थानीय स्तर पर गन्ने की बिक्री का बाजार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 28 अक्टूबर को हुई बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में नवादा जिले के वारिसलीगंज में आधुनिक एकीकृत शुगर कॉम्प्लेक्स और मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर में नई चीनी मिल स्थापित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। इन परियोजनाओं से गन्ना किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए स्थानीय बाजार मिलने की उम्मीद है। साथ ही, गन्ना आधारित उद्योगों के विकास और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य चीनी उत्पादन के साथ उससे जुड़े अन्य उद्योगों को भी प्रोत्साहित करना है।
वारिसलीगंज में IPL स्थापित करेगा आधुनिक शुगर कॉम्प्लेक्स
नवादा जिले के वारिसलीगंज में इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL) की ओर से नई चीनी मिल और उससे संबंधित गन्ना आधारित उद्योग स्थापित करने की योजना है। प्रस्तावित परियोजना को केवल चीनी उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे एक आधुनिक और एकीकृत औद्योगिक परिसर के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां चीनी उत्पादन के साथ इथेनॉल, को-जनरेशन, कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) और गन्ने के अन्य सह-उत्पादों पर आधारित इकाइयां स्थापित करने का प्रस्ताव है। इससे गन्ने के उपयोग के नए विकल्प विकसित करने और उससे जुड़ी औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना है। राज्य सरकार इससे पहले रैयाम और सकरी में भी IPL की नई चीनी मिलों की स्थापना के प्रस्तावों को मंजूरी दे चुकी है। वारिसलीगंज परियोजना को इसी क्रम में गन्ना आधारित उद्योगों के विस्तार की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है।
मोतीपुर में 115.08 एकड़ में बनेगी नई चीनी मिल
मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर में बिहार राज्य चीनी निगम की बंद पड़ी इकाई की जमीन का औद्योगिक विकास के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के अनुसार, 115.08 एकड़ भूमि पर नई चीनी मिल स्थापित की जाएगी। इसके अलावा, 151.58 एकड़ भूमि उद्योग विभाग को हस्तांतरित की जाएगी। इस जमीन पर अन्य उद्योगों की स्थापना की योजना है। इस तरह मोतीपुर में चीनी मिल के साथ दूसरे औद्योगिक उपक्रमों के विकास का रास्ता भी तैयार होगा। सरकार के मुताबिक, इस पहल से क्षेत्र में औद्योगिक निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। नई इकाइयों की स्थापना से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
चार जिलों के गन्ना किसानों को मिलेगा लाभ
वारिसलीगंज में प्रस्तावित चीनी मिल से नवादा के अलावा नालंदा, शेखपुरा और जमुई जिले के किसानों को लाभ मिलने की संभावना है। स्थानीय स्तर पर चीनी मिल उपलब्ध होने से किसानों को गन्ने की बिक्री के लिए बेहतर बाजार मिल सकेगा। मिल और उससे जुड़ी इकाइयों की स्थापना से इन क्षेत्रों में गन्ने की खेती को प्रोत्साहन देने तथा खेती का दायरा बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ गन्ना आधारित आर्थिक गतिविधियों के विस्तार का अवसर भी बनेगा। मोतीपुर में नई चीनी मिल और अन्य उद्योगों की स्थापना से भी स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की संभावना है। इन परियोजनाओं से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। हालांकि, परियोजनाओं से संबंधित रोजगार की संख्या और निर्माण कार्य पूरा होने की समयसीमा की जानकारी प्रेस विज्ञप्ति में नहीं दी गई है।
गन्ना उद्योग मंत्री ने बताया महत्वपूर्ण कदम
गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने कहा कि वारिसलीगंज में आधुनिक एकीकृत शुगर कॉम्प्लेक्स और मोतीपुर में नई चीनी मिल की स्थापना को मिली मंजूरी बिहार में गन्ना आधारित उद्योगों के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से गन्ना किसानों को स्थानीय बाजार उपलब्ध कराने, गन्ने की खेती को प्रोत्साहित करने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने में मदद मिलेगी। मंत्री के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने और बिहार को गन्ना आधारित उद्योगों का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रही है। दोनों परियोजनाओं के जरिए राज्य में चीनी उत्पादन के साथ उससे जुड़े अन्य उद्योगों के विस्तार की योजना है।
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