Bihar Seva Sankalp Kayakalp Abhiyan के तहत Bihar में 1,03,445 विकास कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
Google पर 22Scope चुनेंBihar Seva Sankalp Kayakalp Abhiyan: बिहार में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान के तहत बड़े पैमाने पर काम करा रही है। इस अभियान के अंतर्गत राज्य के सभी 38 जिलों में कुल 1,03,445 मरम्मत, अनुरक्षण और नव निर्माण कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन कार्यों के जरिए विद्यालयों, अस्पतालों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पेयजल व्यवस्था, सड़कों, नालियों और स्ट्रीट लाइट जैसी जनसुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। ग्रामीण विकास विभाग एवं सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के मंत्री श्रवण कुमार के अनुसार, अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों का रखरखाव करने के साथ नई आधारभूत संरचनाओं का निर्माण करना है, ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ग्रामीण विकास विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।
38 जिलों में 1,03,445 कार्यों का लक्ष्य
राज्य सरकार ने 17 सितंबर 2026 से सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत सभी 38 जिलों में स्थानीय जरूरतों और पंचायतवार प्राथमिकताओं के आधार पर विभिन्न कार्यों का आवंटन किया गया है। अभियान में पुरानी सार्वजनिक परिसंपत्तियों की मरम्मत, उनके उन्नयन और रखरखाव के साथ नई जनोपयोगी संरचनाओं के निर्माण को शामिल किया गया है। सरकार ने मौजूदा परिसंपत्तियों की मरम्मत और उन्नयन के कार्यों को 30 नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। वहीं, नई आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए 31 मार्च 2027 की समयसीमा निर्धारित की गई है।
आठ विभागों को सौंपी गई जिम्मेदारी
अभियान के तहत आठ विभागों के माध्यम से विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। शिक्षा विभाग को विद्यालय भवनों, कक्षाओं और शौचालयों की मरम्मत तथा नए भवनों के निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है। स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य संस्थानों की मरम्मत, नए स्वास्थ्य उपकेंद्रों और प्रतीक्षालयों के निर्माण से जुड़े कार्य करेगा। अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण तथा पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभागों के माध्यम से आवासीय विद्यालयों, छात्रावासों और सामुदायिक भवनों की मरम्मत एवं निर्माण पर काम किया जाएगा। ग्रामीण विकास विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता संबंधी कार्यों को आगे बढ़ाएगा। इसके अलावा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED), पंचायती राज विभाग और नगर विकास एवं आवास विभाग को भी अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इन विभागों के माध्यम से पेयजल, स्वच्छता, सड़क-नाली और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।
कार्य आवंटन में गया पहले और पटना दूसरे स्थान पर
जिलावार आंकड़ों के अनुसार, गया में सबसे अधिक 5,605 कार्य आवंटित किए गए हैं। पटना में 5,572 कार्यों का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा सीतामढ़ी में 4,873, मधुबनी में 4,537 और मुजफ्फरपुर में 4,467 कार्य आवंटित किए गए हैं। इन जिलों में सार्वजनिक परिसंपत्तियों की मरम्मत, उन्नयन और नई संरचनाओं के निर्माण के जरिए स्थानीय स्तर पर जनसुविधाओं को बेहतर बनाने की योजना है। जिला स्तर पर निर्धारित प्राथमिकताओं के अनुसार कार्यों को पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रखंड से राज्य स्तर तक होगी निगरानी
सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान के प्रभावी संचालन के लिए प्रखंड, जिला और राज्य स्तर पर कार्यों की निगरानी की व्यवस्था की गई है। ग्रामीण विकास विभाग को नोडल विभाग की जिम्मेदारी दिए जाने का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना और निर्धारित समयसीमा के भीतर काम पूरा कराने की प्रक्रिया को व्यवस्थित करना है। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि सार्वजनिक परिसंपत्तियों का नियमित रखरखाव और उनका बेहतर उपयोग सुशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि विकास कार्यों का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे और राज्य में जनसुविधाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार हो। इस अभियान के तहत मरम्मत और निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करना महत्वपूर्ण होगा। इससे बिहार के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने तथा सार्वजनिक परिसंपत्तियों के बेहतर रखरखाव की दिशा में काम आगे बढ़ाया जा सकेगा।
Bihar Seva Sankalp Kayakalp Abhiyan क्या है?
यह Bihar राज्य सरकार का एक अभियान है जिसके तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मरम्मत, अनुरक्षण और नव निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। इसमें विद्यालयों, अस्पतालों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पेयजल व्यवस्था, सड़कों और स्ट्रीट लाइट जैसी जनसुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
Bihar में कितने विकास कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है?
Bihar के सभी 38 जिलों में कुल 1,03,445 मरम्मत, अनुरक्षण और नव निर्माण कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कार्यों को पूरा करने की समयसीमा क्या है?
मौजूदा परिसंपत्तियों की मरम्मत और उन्नयन के कार्यों को 30 नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। नई आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए 31 मार्च 2027 की समयसीमा निर्धारित की गई है।
Bihar में किन जिलों को सबसे अधिक कार्य आवंटित किए गए हैं?
गया में सबसे अधिक 5,605 कार्य आवंटित किए गए हैं, जबकि पटना में 5,572 कार्यों का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा सीतामढ़ी में 4,873, मधुबनी में 4,537 और मुजफ्फरपुर में 4,467 कार्य आवंटित किए गए हैं।
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