Bihar Museum Ranking 2026: दुनिया के टॉप-10 संग्रहालयों में बिहार म्यूजियम, वैश्विक सूची में मिला नौवां स्थान

बिहार म्यूजियम को Worth a Journey की 2026 की वैश्विक सूची में नौवां स्थान मिला है। यह एशिया का एकमात्र संग्रहालय है जो शीर्ष 10 में शामिल है।

Google पर 22Scope चुनें

AD 1 Bihar Museum Ranking 2026, पटना: बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। पटना स्थित बिहार म्यूजियम को वर्ष 2026 के दुनिया के 100 सर्वश्रेष्ठ संग्रहालयों की सूची में नौवां स्थान मिलने की जानकारी सामने आई है। ट्रैवल गाइड Worth a Journey की ओर से जारी इस सूची में बिहार म्यूजियम को भारत का एकमात्र संग्रहालय बताया गया है। साथ ही, शीर्ष 10 में जगह बनाने वाला यह एशिया का इकलौता संग्रहालय भी बताया गया है। इस उपलब्धि से बिहार की कला, इतिहास और पुरातात्विक धरोहर की चर्चा वैश्विक स्तर पर बढ़ने की उम्मीद है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सूची में बिहार म्यूजियम ने पेरिस के प्रसिद्ध लूव्र म्यूजियम और न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से भी बेहतर स्थान हासिल किया है।

दुनिया के शीर्ष संग्रहालयों में बिहार म्यूजियम

Worth a Journey की 2026 की सूची में मेक्सिको सिटी स्थित म्यूजियो नैशनल डी एंट्रोपोलोजिया को पहला स्थान दिया गया है। स्पेन की राजधानी मैड्रिड का म्यूजियो डेल प्राडो दूसरे स्थान पर है। डेनमार्क के हुमलेबेक स्थित लुइसियाना म्यूजियम ऑफ मॉडर्न आर्ट, रूस के सेंट पीटर्सबर्ग स्थित स्टेट हर्मिटेज म्यूजियम और ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना का कुन्स्टहिस्टोरिस्चेस म्यूजियम शीर्ष पांच में शामिल हैं। इन अंतरराष्ट्रीय संग्रहालयों के बीच बिहार म्यूजियम का नौवां स्थान हासिल करना राज्य के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। यह संग्रहालय बिहार के इतिहास और कला को देश-विदेश से आने वाले लोगों के सामने प्रस्तुत करता है।

2015 में हुआ था बिहार म्यूजियम का उद्घाटन

पटना के बेली रोड पर स्थित बिहार म्यूजियम का उद्घाटन वर्ष 2015 में हुआ था। इसे राज्य की ऐतिहासिक धरोहरों को व्यवस्थित और आधुनिक तरीके से प्रदर्शित करने के उद्देश्य से विकसित किया गया। पुराने पटना म्यूजियम में मौजूद ऐतिहासिक वस्तुओं को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करने की योजना भी इसके विकास से जुड़ी रही। संग्रहालय की इमारत का डिजाइन जापान के प्रित्जकर पुरस्कार विजेता वास्तुकार फुमिहिको माकी ने मुंबई की ओपोलिस आर्किटेक्ट्स के साथ मिलकर तैयार किया था। इसकी वास्तुकला और प्रदर्शनी व्यवस्था इसे पटना के प्रमुख सांस्कृतिक स्थलों में शामिल करती है। यहां प्राचीन भारत से लेकर वर्ष 1764 तक के इतिहास से संबंधित कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं। संग्रह में मूर्तियां, सिक्के, पांडुलिपियां, ऐतिहासिक वस्तुएं और लोककला से जुड़ी सामग्री शामिल है। विभिन्न दीर्घाओं में ऐतिहासिक कालखंडों और सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाने का प्रयास किया गया है।

दीदारगंज यक्षी और प्राचीन मूर्तिकला का आकर्षण

बिहार म्यूजियम के प्रमुख आकर्षणों में मौर्यकालीन दीदारगंज यक्षी की प्रतिमा शामिल है। प्राचीन भारतीय मूर्तिकला की चर्चित कृतियों में गिनी जाने वाली इस प्रतिमा की खोज वर्ष 1917 में पटना के निकट हुई थी। अपनी कलात्मक बनावट और ऐतिहासिक महत्व के कारण यह प्रतिमा संग्रहालय की खास पहचान मानी जाती है। संग्रहालय में बच्चों के लिए भी विशेष गैलरी बनाई गई है। इसमें जानवरों, लोककला, संस्कृति और विज्ञान से संबंधित प्रदर्शन शामिल हैं। इसका उद्देश्य बच्चों को रोचक और संवादात्मक तरीके से ज्ञान उपलब्ध कराना है, ताकि संग्रहालय का अनुभव केवल इतिहास देखने तक सीमित न रहे।

डायस्पोरा गैलरी में दिखाई देती है बिहार की वैश्विक पहचान

बिहार म्यूजियम की डायस्पोरा गैलरी राज्य की सीमाओं से बाहर बिहार के लोगों की मौजूदगी और उनके सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभाव को सामने लाती है। यह गैलरी बिहार की पहचान को व्यापक ऐतिहासिक और सामाजिक संदर्भों से जोड़ती है। इतिहास, कला, वास्तुकला और बच्चों के लिए तैयार विशेष प्रदर्शनों का संयोजन इस संग्रहालय को एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक केंद्र बनाता है। वर्ष 2026 की वैश्विक रैंकिंग में नौवां स्थान मिलने की खबर से बिहार म्यूजियम और पटना के पर्यटन को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ सकती है। यह उपलब्धि बिहार की विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर है। हालांकि, रैंकिंग के आधार, मूल्यांकन पद्धति और सूची में शामिल संग्रहालयों के चयन संबंधी विस्तृत जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि किए बिना इसे सूची जारी करने वाली संस्था के आकलन के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

यह भी पढ़ें: Neeraj Kumar Fourth Consecutive Win: नीरज कुमार की लगातार चौथी जीत पर नीतीश कुमार ने दी बधाई, जदयू कार्यालय में हुआ भव्य स्वागत

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Bihar Museum Ranking 2026 में बिहार म्यूजियम को कौन सा स्थान मिला है?

बिहार म्यूजियम को Worth a Journey की 2026 की वैश्विक सूची में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ 100 संग्रहालयों में नौवां स्थान मिला है। यह एशिया का एकमात्र संग्रहालय है जो शीर्ष 10 में शामिल है।

बिहार म्यूजियम का उद्घाटन कब हुआ था?

बिहार म्यूजियम का उद्घाटन वर्ष 2015 में पटना के बेली रोड पर हुआ था। इसे राज्य की ऐतिहासिक धरोहरों को व्यवस्थित और आधुनिक तरीके से प्रदर्शित करने के उद्देश्य से विकसित किया गया।

बिहार म्यूजियम की वास्तुकला किसने डिजाइन की?

संग्रहालय की इमारत का डिजाइन जापान के प्रित्जकर पुरस्कार विजेता वास्तुकार फुमिहिको माकी ने मुंबई की ओपोलिस आर्किटेक्ट्स के साथ मिलकर तैयार किया था।

दीदारगंज यक्षी की प्रतिमा कहां पाई गई थी?

मौर्यकालीन दीदारगंज यक्षी की प्रतिमा की खोज वर्ष 1917 में पटना के निकट हुई थी। यह प्राचीन भारतीय मूर्तिकला की प्रसिद्ध कृतियों में से एक है और बिहार म्यूजियम की खास पहचान मानी जाती है।

Bihar Urban Development: सभी शहरों में Signature सड़क बनाने की तैयारी,...

 बिहार के सभी शहरों में सिग्नेचर सड़क बनाने की दिशा में प्रयास तेज होंगे। मंत्री नीतीश मिश्रा ने शहरी विकास, गुणवत्तापूर्ण निर्माण और आधुनिक...

Karwa Chauth 2026: रांची में आज बादलों के बीच मनेगा करवा...

 रांची में Karwa Chauth पर चक्रवात अर्नब के प्रभाव से आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। पंचांग के अनुसार शाम 7:54 बजे...

Hemant Soren Case: हेमंत सोरेन की याचिका पर 19 नवंबर को...

 झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। पीएमएलए की धारा 44 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए ED...