पटना : बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने अभी थोड़ी देर पहले प्रेसवार्ता की। उन्होंने कहा कि बिहार बिहार पहला राज्य है जो नया स्कीम लेकर आई है। नया स्कीम का नाम ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन योजना है। जिसमें 25 हजार किलोमीटर ग्रामीण पथों का पुननिर्माण और नवीकरण का लक्ष्य है। जिसमें 20 हजार करोड़ का अनुमानित हैं। अशोक चौधरी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धन्यवाद देते हुए कहा कि विश्वकर्मा के रूप में काम किया है।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत दीर्घकालिक सात वर्षों तक राइडिंग क्वालिटी मानक का अनुरूप होगा। हमलोग का लक्ष्य है जो बिहार के किसी कोने से पांच घंटे तक पटना पहुंचना है। रैपिड रेस्पॉन्स व्हीकल टीम रखना अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना नौ साल पहले बंद कर दी गई थी और फिर नौ साल बाद शुरू किया गया है। इस योजना के अंतर्गत स्वीकृति जिला संचालन समिति की अनुशंसा पर विभाग द्वारा किया जाएगा। इस योजना में एक हजार पुल के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें तीन हजार करोड़ की लागत से छह सौ पुल का निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें सौ मीटर तक के लंबाई ग्रामीण कार्य विभाग करेगा और सौ मीटर से अधिक लंबाई का निर्माण बिहार राज्य पुल निर्माण निगम करेगा।
मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत ग्रामीण पथों का राज्य कोर नेटवर्क के आधार पर 250 से अधिक आबादी वाले टोले का एकल सड़क का योजना कुल 31593.41 किलो पथ एवं 121 पुल का निर्माण कार्य पूरा किया गया है। बिहार में सौ या ज्यादा अधिक आबादी वाले बिना जुड़े टोले और बसावट का संपर्क मुख्यमंत्री ग्राम सम्पक योजना शुरू की गई है। दरभंगा के कुशेश्वर स्थान के सुदूर छेत्र में सुगरैंन गांव को सम्पर्कता प्रदान की गई। बिहार की सरक पर ट्रैफिक का फ्लो और ग्रोथ 19 फीसदी से ज्यादा है। एक लाख 17 हजार किलोमीटर ग्रामीण सड़क में 25 हजार से ज्यादा डिफेक्ट जिअबलिटी में है। 65 हजार के आसपास मेन्टेन्स है। आम जनता को नहीं पता है कौन सा रोड़ मेंटेनेन्स पॉलिसी में है या नहीं है।
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उन्होंने कहा कि उसको लेकर विभाग के अपर मुख्य सचिव से आग्रह किए हैं कि एक ऐप्प लाए ताकि जानकारी मिले। 65 हजार किलोमीटर की सड़क पॉलिसी में 3 तरह से जांच करवाएं और वेरिफिकेशन करवाए। जांच के बाद पता चला कि 10-15 फीसदी स्तिथि खराब थी और फिर इस तरह का वेरिफिकेशन कारवाएगे और एक बार उसको रोड ठीक करने का मौका दिए हैं। 15 दिन के अंदर ब्लॉक स्तर तक ऐप्प में करेंगे और सभी लोग इसको देखेंगे की क्या सड़क का स्तिथि है। बाढ़ के समय कुछ पूल बह गए थे। उसको लेकर मंत्री ने कहा कि हमारे तीन पूल गिरे थे जिसमें दो पूल का सटरिंग का प्रॉब्लम था और पहला पूल पर इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया था और जांच चल रहा है। कांट्रेक्टर और इंजीनियर मामले में ब्लैकलिस्ट कर आगे की कारवाई की जाएगी। अररिया में सीरियस मामला था, करवाई हुआ है और मधुबनी में और घोड़ासहन में काम चल रहा है।
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महीप राज की रिपोर्ट



















