दलित-आदिवासियों की नजर में बिहार बजट, बिहार बजट के आईने में दलित-आदिवासी

 बिहार बजट के आईने में दलित-आदिवासी

Nawada राष्ट्रीय दलित मानवाधिकार अभियान ने बिहार सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए रखे गए बजट को दलित-आदिवासियों के लिए निराश करने वाला बताया है.

बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय दलित मानवाधिकार अभियान के राज्य समन्वयक धर्मदेव पासवान ने कहा है कि कुल बजट 237691.19 करोड़ रुपये का है, देखने में यह बहुत ही आकर्षक और लोक लुभावन है. लेकिन जब इसका एनालिसिस किया जाता है, स्कीम वाईज समीक्षा की जाती है, तब सच्चाई दूसरी नजर आती है.

इस बजट में एससी के लिए कुल 19688.46 हजार करोड़ का आवंटन किया गया है, जो एससी की आबादी के हिसाब से बढ़कर है, एसटी के लिए 2403.18 करोड़ है, यह भी पिछले बजट से से कुछ ज्यादा है और यह बहुत ही अच्छी बात है..

कोरोना काल में आवंटित राशि का इस्तेमाल दूसरे मद्द में किया गया 

बशर्ते इस राशि का इस्तेमाल दूसरे मद्द में नहीं किया जाय. लेकिन सच्चाई कि कोरोना काल में एससी और एसटी के लिए आवंटित बजट को दूसरे मद्द में खर्च किया गया. यही काम आगे भी हो सकता है. इसके कई उदाहरण मौजूद है. सहकारिता विभाग में 1,57,18,00,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था, लेकिन उस राशि का इस्तेमाल गैर वेतन मद्द  में खर्च किया जा रहा है.

तीन वर्षों से नहीं हुआ है छात्रों को पोस्ट मैट्रिक की छात्रवृति का भुगतान 

हजारों की संख्या में दलित-आदिवासी छात्रों को पोस्ट मैट्रिक की छात्रवृति नहीं दी जा रही है. जिसके कारण उनकी शिक्षा बाधित हो गयी. काफी हल्ला हंगामा के बाद सरकार ने एक बार फिर से नया पोर्टल बनवाया.

पिछले तीन वर्षों के लिए लाखों की संख्या में छात्रों ने पोस्ट मैट्रिक की छात्रवृति के लिए आवेदन किया है. अब यदि तीन वर्षों के कुल छात्रों की तुलना इस मद्द में जारी बजट से करें तब सच्चाई सामने आ जाएगी. पिछले वर्ष 116 करोड़ की राशि आवंटित की गई थी जबकि इस बार 110 करोड़ का आवंटन किया गया है और यह बेहद चिंताजनक है.

मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार हेतु वाहन खरीदने के लिए  एक लाख सब्सिडी के लिए आवंटन बढ़ाने की जरुरत थी, सामान्य वर्ग के लिए इस योजना में कुल  55,00,00,000  करोड़ की राशि आवंटित की गयी है, जबकि एससी के लिए 45,00,00,000 करोड़ आवंटित किया है और यह राशि सामान्य वर्ग की तुलना में 30 करोड़ कम है.

बाढ़ सुखाड़ के लिए पिछले वर्ष से कम राशि का किया गया आवंटन

दूसरा प्रमोशन ऑफ़ एग्रीकल्चर मेकानईजेशन सिर्फ 80 हजार दिया है उसी क्रम में बाढ़-सुखाड़ के लिए सिर्फ 8 करोड़ दिया है, जो पिछले बजट से 4 करोड़ 80 लाख कम है.

इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता चन्दन चौधरी, नीलम देवी पंचायत समिति सदस्या, रीता देवी मनोज पासवान, वरुण कुमार,ऋतिक कुमार रुक्मिणी कुमारी, मंटू कुमार ,सुरेन्द्र पासवान सरपंच,लकी पासवान भी उपस्थित रहें.

रिपोर्ट- अनिल शर्मा 

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