Bihar Jeevika Honey Business: बिहार के ग्रामीण इलाकों में मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रहा है। बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) के सहयोग से हजारों महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर मिला है। इस पहल की एक प्रमुख मिसाल वैशाली की मधुग्राम महिला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड है, जिसका संचयी कारोबार अब तक लगभग 5.4 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इस उद्यम से जुड़ी महिलाएं शहद उत्पादन और उसकी बिक्री के जरिए आमदनी अर्जित कर रही हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिलने के साथ आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी विकसित हो रहे हैं।
71.47 लाख रुपये के शुरुआती सहयोग से खड़ी हुई कंपनी
मधुग्राम महिला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड का गठन 14 अक्टूबर 2020 को हुआ था। कंपनी को जीविका की ओर से शुरुआती तौर पर 71.47 लाख रुपये का वित्तीय सहयोग दिया गया। इस सहायता से मधुमक्खी पालन, शहद उत्पादन और उत्पादों के व्यावसायिक विपणन को संगठित रूप देने में मदद मिली। वर्तमान में कंपनी से वैशाली, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, भागलपुर और समस्तीपुर जिलों की 675 महिला शेयरधारक जुड़ी हैं। कंपनी वित्तीय वर्ष 2022-23 से लगातार मुनाफा अर्जित कर रही है। यह पहल सामूहिक प्रयास और महिला उद्यमिता के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का उदाहरण बन रही है।

11,855 जीविका दीदियों को मिला आजीविका का अवसर
जीविका के माध्यम से राज्यभर में 11,855 महिलाओं को मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन से आजीविका के अवसर उपलब्ध हुए हैं। इस गतिविधि से महिलाओं को स्थानीय स्तर पर काम करने और अपनी जरूरतों के अनुसार आमदनी बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। मधुमक्खी पालन में महिलाएं शहद का उत्पादन करने के साथ उसकी बिक्री से भी जुड़ सकती हैं। संगठित बाजार व्यवस्था मिलने से उनके उत्पादों को अधिक ग्राहकों तक पहुंचाने में मदद मिलती है। इससे महिलाओं की व्यावसायिक समझ, नेतृत्व क्षमता और आर्थिक निर्णय लेने की भूमिका भी मजबूत हो सकती है।

सरस मेला से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक पहुंच रहा शहद
जीविका दीदियों के उत्पादों की बिक्री के लिए कई विपणन माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा है। मधुग्राम महिला प्रोड्यूसर कंपनी अपने उत्पादों को बिहार सरस मेला, खादी मॉल, खुदरा दुकानों और थोक खरीदारों के माध्यम से बाजार तक पहुंचा रही है। इसके अलावा कंपनी के उत्पादों की बिक्री के लिए shop.brlps.in और इंडिया मार्ट जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी उपयोग किया जा रहा है। बाजार तक बेहतर पहुंच से उत्पादों की पहचान बढ़ाने और कारोबार का दायरा विस्तृत करने के अवसर मिल रहे हैं।

सरकार का लक्ष्य महिलाओं को सफल उद्यमी बनाना
बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग की इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के साथ उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन की प्रक्रिया से जोड़ना है। प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग, वित्तीय सहायता और बाजार संपर्क के जरिए मधुमक्खी पालन को ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने वाले व्यवसाय के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। ग्रामीण विकास विभाग एवं सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि जीविका की स्थापना ग्रामीण महिलाओं को संगठित करने, उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और गांवों में आजीविका के अवसर पैदा करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि जीविका दीदियों को आधुनिक प्रशिक्षण, उन्नत तकनीक, बेहतर वित्तीय सहयोग और व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनके उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले। सरकार चाहती है कि ग्रामीण महिलाएं सफल उद्यमी बनकर अपने परिवार, समाज और बिहार की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दें।



















