Bihar PACS Computerization: बिहार में पैक्स कंप्यूटरीकरण, गोदाम निर्माण और फसल सहायता योजना के लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए सहकारिता विभाग ने कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को निबंधक, सहयोग समितियां, बिहार, पटना रजनीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला स्तरीय सहकारिता पदाधिकारियों और सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशकों के साथ समीक्षा बैठक हुई। बैठक में पैक्स कंप्यूटरीकरण योजना, गोदाम निर्माण, बिहार राज्य फसल सहायता योजना, विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना और नेशनल को-ऑपरेटिव डेटाबेस के तहत पैक्सों की जियोटैगिंग की प्रगति की समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
पैक्स कंप्यूटरीकरण में पांच जिलों की धीमी प्रगति पर नाराजगी
पैक्स कंप्यूटरीकरण योजना की समीक्षा के दौरान कैमूर, समस्तीपुर और रोहतास जिलों के प्रदर्शन की सराहना की गई। इन जिलों में आंकड़ों की प्रविष्टि का कार्य बेहतर रहा और कंप्यूटरीकरण में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई। वहीं, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, पटना, खगड़िया और सीतामढ़ी जिलों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर असंतोष जताया गया। निबंधक ने संबंधित अधिकारियों को आंकड़ों की प्रविष्टि में तेजी लाने और कंप्यूटरीकरण का काम जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही, लापरवाही जारी रहने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
गोदाम निर्माण और उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर देने का निर्देश
गोदाम निर्माण कार्यों की समीक्षा में अधिकारियों को निर्माण की प्रगति सुनिश्चित करने और निर्धारित समयसीमा के भीतर उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने को कहा गया। निबंधक ने लंबित निर्माण कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी रोकने पर जोर दिया। विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के तहत राज्य के विभिन्न जिलों में 1,000 मीट्रिक टन से अधिक क्षमता वाले कुल 36 बड़े गोदामों का निर्माण प्रस्तावित है। समीक्षा के दौरान नवादा और बेगूसराय जिलों को गोदाम निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता जल्द सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि निर्माण कार्य शुरू किया जा सके।
फसल सहायता योजना के लंबित सत्यापन जल्द पूरे होंगे
बिहार राज्य फसल सहायता योजना की समीक्षा के दौरान खरीफ मौसम 2024-25 के तहत पश्चिम चंपारण जिले में आवेदनों के सत्यापन का कार्य शीघ्र पूरा करने को कहा गया। वहीं, रबी मौसम 2024-25 के अंतर्गत पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, रोहतास और औरंगाबाद जिलों की प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया गया। संबंधित अधिकारियों को शेष कार्य जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया, ताकि योजना के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी न हो।
नेशनल को-ऑपरेटिव डेटाबेस से जुड़ेगी पैक्स की जियोटैगिंग
बैठक में नेशनल को-ऑपरेटिव डेटाबेस के साथ सभी प्रकार की क्रियाशील सहकारी समितियों की जियोटैगिंग की भी समीक्षा की गई। सभी जिलों को अपने-अपने क्षेत्र के पैक्सों की जियोटैगिंग का काम जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया। बैठक में अपर निबंधक विकास कुमार बरियार और मनोज कुमार सिंह, संयुक्त निबंधक कामेश्वर ठाकुर, समरेश कुमार और संजय कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।


















