बिहार SIR: 7 लाख मतदाताओं का एक से अधिक जगह नाम, 31.5 लाख स्थायी रूप से कर चुके पलायन, चुनाव आयोग ने दी जानकारी, जानिए और क्या कहा

पटना. बिहार विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में Special Intensive Revision (SIR) हो रहा है। इसका विपक्ष द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा है। इस बीच चुनाव आयोग ने इसका उद्येश्य बताते हुए कहा कि बिहार SIR का उद्देश्य कोई भी पात्र मतदाता छूटे नहीं है। चुनाव आयोग ने जानकारी दी है कि अभी तक 99 प्रतिशत मतदाताओं को कवर किया जा चुका है। BLOs/BLAs ने 31.5 लाख स्थायी रूप से पलायन कर चुके मतदाताओं की रिपोर्ट दी है। BLOs/BLAs ने पाया है कि 7 लाख मतदाता एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत हैं।

चुनाव आयोग ने कहा कि जिन मतदाताओं ने अपने फॉर्म नहीं भरे हैं, मृत मतदाताओं के नाम, और जो मतदाता स्थायी रूप से अन्यत्र चले गए हैं, उनके बूथ-वार विवरण BLOs/EROs/DEOs/CEOs द्वारा 20 जुलाई को सभी राजनीतिक दलों के साथ साझा किए जा चुके हैं, ताकि वे किसी भी त्रुटि की पहचान कर सकें। SIR आदेश के अनुसार, कोई भी मतदाता या राजनीतिक दल 1 सितंबर 2025 तक नाम गायब होने या गलत नाम शामिल होने की स्थिति में दावा या आपत्ति दर्ज करा सकता है।

बिहार SIR: 7 लाख मतदाताओं का एक से अधिक जगह नाम

अब तक 99% मतदाताओं को कवर किया जा चुका है। BLOs/BLAs ने 21.6 लाख मृत मतदाताओं के नाम की रिपोर्ट दी है। BLOs/BLAs ने 31.5 लाख स्थायी रूप से पलायन कर चुके मतदाताओं की रिपोर्ट दी है। BLOs/BLAs ने पाया है कि 7 लाख मतदाता एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत हैं। स्थानीय BLOs/BLAs के अनुसार, 1 लाख मतदाता अब तक पहचान में नहीं आ पाए हैं। घर-घर सर्वेक्षण के बावजूद, 7 लाख से अधिक मतदाताओं के फॉर्म अब तक नहीं मिल पाए हैं।

बिहार SIR: 1 सितंबर 2025 तक आपत्ति दर्ज

चुनाव आयोग ने कहा कि कुल 7.21 करोड़ मतदाता फॉर्म (91.32%) प्राप्त होकर डिजिटाइज़ किए जा चुके हैं। इन सभी नामों को ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। शेष फॉर्मों का भी डिजिटलीकरण और BLO/BLA द्वारा सत्यापन का कार्य जारी है। SIR आदेश के अनुसार, ड्राफ्ट मतदाता सूची 1 अगस्त 2025 को प्रकाशित की जाएगी। यह सूची सभी 12 राजनीतिक दलों के साथ साझा की जाएगी और सभी दावों/आपत्तियों के लिए उपलब्ध रहेगी। आयोग दोहराता है कि कोई भी मतदाता या राजनीतिक दल 1 सितंबर 2025 तक दावा या आपत्ति दर्ज कर सकता है।

NPU VC Dinesh Kumar Singh: NPU कुलपति पर क्यों लगी अधिकारों...

NPU VC Dinesh Kumar Singh: राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (NPU) के कुलपति डॉ. दिनेश कुमार सिंह के वित्तीय और...

Dhanbad Marriage Fraud Case: शादी के नाम पर ठगी का खेल!...

Dhanbad Marriage Fraud Case: धनबाद पुलिस ने शादी के नाम पर ठगी और मारपीट करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया...

Hemant Soren:बड़गाईं जमीन मामले में Hemant Soren की याचिका पर सुनवाई,...

बड़गाईं की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में हेमंत सोरेन की याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट ने ईडी से 16 सितंबर...