नक्सली बता आदिवासी किसान को पीटने का मामला पकड़ा तूल, थाना प्रभारी को बर्खास्त करने की मांग
लातेहार : नक्सली बता आदिवासी किसान को पीटने का मामला तूल पकड़ा लिया है.
ग्रामीण अब थाना प्रभारी को बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं.
23 फरवरी को लातेहार जिले के गारू थाना ले जाकर नक्सलियों का सहयोगी
बताकर आदिवासी किसान अनिल सिंह को पुलिस ने पीट दिया था.
अब छिपादोहर थाना क्षेत्र के कुकु गांव निवासी ने
पुलिस के द्वारा पीटने के मामले पर कार्रवाई की मांग की है.
वहीं पीड़ित अनिल सिंह के साथ मारपीट के आरोपों से घिरे
गारू थाना प्रभारी रंजीत कुमार यादव को एसपी अंजनी अंजन ने लाइन हाजिर कर दिया है.
लेकिन पीड़ित अनिल सिंह ने इस कार्रवाई को महज खानापूर्ति बताया है.
प्रशासन दबाने की कर रही कोशिश- अनिल सिंह
अनिल सिंह ने कहा मुझे थाना में ले जाकर पीटने के मामले को प्रशासनिक महकमा दबाने की कोशिश कर रही है.
अबतक मारपीट की घटना में शामिल किसी भी पुलिसकर्मी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. कुछ दिनों के लिए लाइन हाजिर कर देना यह कोई कार्रवाई नहीं है. पुलिस सिर्फ खानापूर्ति कर रही है.
अनिल सिंह ने की बर्खात करने की मांग
अनिल सिंह ने कहा कि रंजीत कुमार यादव को लाइन हाजिर कर शाहिद अंसारी को थाना प्रभारी बना दिया गया है. जबकि मेरे साथ हुए मारपीट में शाहिद अंसारी भी शामिल था. अनिल ने कहा कि जिस तरह से शाहिद अंसारी को थाना प्रभारी बनाया गया है मुझे डर है कि कही फिर से मेरे साथ इस तरह की घटना न हो जाये. अनिल सिंह ने मांग की तत्कालीन गारू थाना प्रभारी शाहिद अंसरी, रंजीत यादव समेत मारपीट में शामिल गारू थाना पुलिस के अन्य कर्मियों को तत्काल बर्खास्त किया जाए.
मुख्यमंत्री ने लिया था संज्ञान
ग़ौरतलब को अनिल सिंह को गारू थाना पुलिस ने थाना में लाकर बेरहमी से पिटाई की थी. पुलिस ने मानवता की सारी हदें पार करते हुए अनिल सिंह के गुप्तांग में पेट्रोल डालकर पिटाई की थी. बाद में थाना प्रभारी रंजीत यादव ने यहकर छोड़ दिया था कि तुम्हे गलती से थाना ले आया गया था. मारपीट की घटना का जिक्र कही मत करना. अब इस मामले ने तुल पकड़ लिया है. खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए झारखंड पुलिस को जांचकर कार्रवाई करते हुए सूचित करने का निर्देश दिया था.
रिपोर्ट : गोपी


















