CBSE ने कक्षा 10वीं की दूसरी बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। पास प्रतिशत 96.78% पहुंचा। रांची से करीब 5 हजार और झारखंड से 28 हजार छात्र परीक्षा में शामिल हुए।
CBSE 10th Result 2026 रांची: सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) ने शनिवार को वर्ष 2026 की कक्षा 10वीं की दूसरे चरण की बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत पहली बार लागू की गई दोहरी बोर्ड परीक्षा व्यवस्था के सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं। मुख्य परीक्षा और दूसरे चरण की परीक्षा के संयुक्त प्रदर्शन के आधार पर इस वर्ष कक्षा 10वीं का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत बढ़कर 96.78 प्रतिशत हो गया है। मुख्य परीक्षा के बाद यह आंकड़ा 93.6 प्रतिशत था।
CBSE 10th Result 2026:59 प्रतिशत से अधिक छात्रों के अंकों में हुआ सुधार
सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि दूसरे चरण की परीक्षा में शामिल होने वाले 59 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। बोर्ड का कहना है कि नई दोहरी परीक्षा व्यवस्था से छात्रों को अपने अंकों में सुधार का बेहतर अवसर मिला है और इसका सकारात्मक असर परिणामों में भी दिखाई दिया है।
Key Highlights
CBSE ने कक्षा 10वीं की दूसरी बोर्ड परीक्षा 2026 का परिणाम जारी किया।
कुल पास प्रतिशत बढ़कर 96.78 प्रतिशत हुआ।
मुख्य परीक्षा के बाद पास प्रतिशत 93.6 प्रतिशत था।
59 प्रतिशत से अधिक छात्रों के अंकों में सुधार दर्ज किया गया।
रांची से करीब 5 हजार और झारखंड से 28 हजार छात्र परीक्षा में शामिल हुए।
CBSE 10th Result 2026:रांची से करीब पांच हजार छात्रों ने दी परीक्षा
रांची से लगभग पांच हजार विद्यार्थियों ने दूसरे चरण की बोर्ड परीक्षा में भाग लिया, जबकि पूरे झारखंड से करीब 28 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए। रांची में परीक्षा के लिए 11 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इनमें दिल्ली पब्लिक स्कूल केराली, डीएवी हेहल, सरला बिरला पब्लिक स्कूल सहित अन्य विद्यालय शामिल थे।
CBSE 10th Result 2026:इन छात्रों के लिए आयोजित हुई थी दूसरी परीक्षा
सीबीएसई की दूसरी बोर्ड परीक्षा उन छात्रों के लिए आयोजित की गई थी, जो किसी कारणवश पहली बोर्ड परीक्षा में एक या दो विषयों की परीक्षा नहीं दे सके थे या फिर अपने अंकों में सुधार करना चाहते थे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत लागू इस व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों पर परीक्षा का दबाव कम करना और उन्हें बेहतर प्रदर्शन का अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराना है।
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