Sarla Birla Public School की छात्रा नविका श्रीवास्तव ने सीबीएसई रीडिंग चैलेंज 2025-26 में बढ़ाया विद्यालय का गौरव

Ranchi: Sarla Birla Public School, रांची के लिए यह अत्यंत गर्व और प्रसन्नता का विषय है कि सातवीं कक्षा की छात्रा नविका श्रीवास्तव को सीबीएसई रीडिंग चैलेंज 2025-26 में उनके उत्कृष्ट और उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए सीबीएसई द्वारा सराहना प्राप्त हुई है।

सीबीएसई रीडिंग चैलेंज 2025-26 विद्यार्थियों में पठन की आदत को विकसित करने और उसे निरंतर बनाए रखने के उद्देश्य से प्रारम्भ की गई एक महत्वपूर्ण पहल है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी साक्षरता, भाषा दक्षता तथा विश्लेषणात्मक क्षमता को सुदृढ़ करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। इसकी संरचना इस प्रकार की गई है कि विद्यार्थी केवल आधारभूत पठन कौशल तक सीमित न रहें, बल्कि उच्च स्तरीय साहित्यिक और बौद्धिक समझ भी विकसित कर सकें। यह पहल विद्यार्थियों को विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारी का समन्वय करने, तार्किक निष्कर्ष निकालने तथा पाठ की प्रासंगिकता और विश्वसनीयता का समालोचनात्मक मूल्यांकन करने के लिए प्रेरित करती है।

नविका ने Sarla Birla Public School रांची को गौरवान्वित किया है

नविका की यह उपलब्धि उनकी लगन, पठन के प्रति गहरी रुचि तथा सशक्त विश्लेषणात्मक सोच का उत्कृष्ट उदाहरण है। उनकी सफलता ने सरला बिरला पब्लिक स्कूल, रांची को गौरवान्वित किया है और यह विद्यालय की उस सुदृढ़ शैक्षणिक संस्कृति का सशक्त प्रमाण है, जहाँ विद्यार्थियों में बौद्धिक जिज्ञासा, ज्ञानार्जन की उत्कंठा और समग्र अधिगम को निरंतर प्रोत्साहन दिया जाता है।

प्राचार्या श्रीमती मनीषा शर्मा ने नविका को इस सराहनीय उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी

प्राचार्या श्रीमती मनीषा शर्मा ने नविका को इस सराहनीय उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी। उन्होंने नविका की लगन, जिज्ञासा और पठन के प्रति उनके उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी उपलब्धियाँ सरला बिरला पब्लिक स्कूल में विकसित की जा रही सशक्त शैक्षणिक संस्कृति और अध्ययनशील वातावरण को स्पष्ट रूप से प्रतिबिंबित करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे समृद्ध और ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि पठन केवल ज्ञान को समृद्ध नहीं करता, बल्कि विद्यार्थियों में समालोचनात्मक चिंतन, सृजनात्मकता और आत्मविश्वास को भी विकसित करता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नविका की यह सफलता अन्य विद्यार्थियों को भी पठन की आदत को अपनाने तथा ऐसे शैक्षणिक मंचों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी।

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